जयपुर – हाल ही में एक मामले मैं पुलिस विभाग के अधिकारियों में काफी असमंजस की स्थिति देखने में आई | फर्जी दस्तावेज से वाहन खरीदने के मामले में एस.ओ.जी. द्वारा कुछ माह पूर्व कुशाल नामक युवक पर ₹25000 का इनाम घोषित किया था | जिस पर उसे काफी मशक्कत के बाद सी.आई.डी. द्वारा पकड़ा गया और पकड़ने के बाद उसे उक्त प्रकरण में एसओजी को सुपुर्द करने के लिए अधिकारियों को सूचना दी गई | जिस पर जब उसे एस.ओ.जी. को सुपुर्द किया तो एसओजी ने उसे यह तर्क देते हुए क्लीन चिट दे दी कि पूर्व में उक्त व्यक्ति उनके अनुसंधान में वांछित माना गया था तथा जिस पर ₹25000 का इनाम घोषित किया था परंतु अब अनुसंधान में उसकी संलिप्तता नहीं पाई गई है | ऐसी स्थिति में अब उसे आरोपी नहीं माना जा सकता | इसके बाद एसओजी द्वारा उक्त कुशाल नामक व्यक्ति को छोड़ दिया गया | उक्त घटना के पश्चात पुलिस विभाग में तालमेल की कमी व्यापक स्तर पर उजागर हुई है |
भानु प्रकाश शर्मा (वरिष्ठ संवाददाता) मार्मिक धारा
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)