मंगलवार सुबह एक नवजात बच्ची को कोई सूरज उगने से पहले ही कचरे में फेंक गया। नवजात को बचाने में भिवाड़ी के शेखपुर अहीर थाने की पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी। सूचना मिलने पर 15 मिनट में पुलिस गांव पहुंची और अगले 15 मिनट में नवजात को अस्पताल पहुंचा दिया गया। जिससे कारण नवजात की सांसे अभी चल रही है।
यह घटना अलवर से भिवाड़ी के रबाना गांव की है। जहां करीब सुबह 5 से 7 के बीच नवजात को कचरे में फेंक दिया गया। उसके रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस नवजात को लेकर अस्पताल आई। अभी नवजात की सांसे चल रही है। डॉक्टर ने बताया कि नवजात सुबह 5 बजे के आसपास जन्मा है। जिसका ग्रामीणों को सुबह 7 बजे पता चला।
घर के पीछे कचरे के ढेर से आई नवजात के रोने की आवाज-
रबाना गांव में पुलिस मित्र अकबर व पूर्व सरपंच ने बताया कि गांव में गली व घरों के पीछे कचरा पड़ा रहता है। वहां कचरे के अंदर से रोने की आवाज आई, तो गांव के लोगों ने देखा कपड़े में लिपटी नवजात पड़ी मिली। करीब 2 घंटे से वहां पड़ी होने की आशंका है। इस बीच नवजात के पड़े होने के कारण नवजात के शरीर पर कई जगह खरोच के निशान आए हैं।
पुलिस ने दिखाई सजगता, 15 मिनट में पहुंची-
शेखपुर अहीर थाना एसएचओ रामकिशोर ने बताया कि सबसे पहले गांव के राजेंद्र व रवि प्रकाश को नवजात के पड़े होने का पता चला। उसके जरिए पुलिस मित्र अकबर को जानकारी मिली। उसने पुलिस थाने में सूचना दी। इससे 15 मिनट बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बालिका को अगले 15 मिनट में सीएचसी तिजारा में भर्ती करा दिया गया। वहां डॉक्टर ने बताया कि नवजात तो सांस लेने में थोड़ी दिक्कत आ रही है। लेकिन वह स्वस्थ है। कुछ देर इलाज के बाद नवजात को रेफर कर दिया गया।
भिवाड़ी पुलिस ने 2 दिन में दो मासूमों को बचाया-
भिवाड़ी पुलिस ने 2 दिन में दो मासूम को बचाने का काम किया है। पहले दिन दिल्ली से अगवा कर लेकर आए 3 साल की बेटी को मेड से बचाया। उसे भिवाड़ी के खुशखेड़ा में पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में बिजनेसमैन पति-पत्नी तो उनकी बेटी सौंप दी गई। उससे कुछ घंटे बाद ही पुलिस की तत्परता ने नवजात की जान बचाई। भिवाड़ी एसपी राममूर्ति जोशी का कहना है कि पूरी टीम तत्परता से काम करती रही और बेहतर परिणाम आते रहे। भिवाड़ी में हमारा यही प्रयास है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)