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- कोरोना मरीज के इलाज के लिए प्लाज्मा दान कौन कर सकता है ?
• कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके लोग
• उम्र 18 – 60 साल
• वजन 50 Kg या अधिक
• पुरुष (केवल वही महिला जिसने कभी भी गर्भधारण ना किया हो)
• सामान्य रक्तदान एवं एफेरेसिस दान की शर्तें पूरी करता हो I - कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुका व्यक्ति प्लाज्मा दान कब कर सकता है ?
• लक्षण समाप्त होने के 14 दिन बाद प्लाज्मा दान किया जा सकता है,लेकिन आरटी पीसीआर टेस्ट नेगेटिव (RT-PCR Negative) होने की रिपोर्ट भी साथ होनी चाहिए I
• लक्षण समाप्त होने के 28 दिन बाद प्लाज्मा दान किया जा सकता है, इस स्थिति में आरटी पीसीआर टेस्ट नेगेटिव होने की रिपोर्ट साथ होना आवश्यक नहीं है I - एक प्लाज्मा दानदाता कितनी बार प्लाज्मा डोनेट कर सकता है ?
• एफरेसिस द्वारा प्लाज्मा दान करने वाले डोनर, संक्रमण से ठीक होने के बाद हर 15 दिन के अंतराल में दोबारा प्लाज्मा दान कर सकते हैं I - प्लाज्मा एफेरेसिस प्रोसीजर क्या है?
• यह “प्लेटलेट एफेरेसिस” जैसी ही प्रक्रिया है, जिसमें “प्लेटलेट” के स्थान पर “प्लाज्मा” दान कराया जाता हैI
• एफरेसिस प्रोसीजर के लिए एफेरेसिस मशीन (ऑटोमेटेड सेल सेपरेटर Automated Cell Separater) का उपयोग किया जाता है I - कितनी मात्रा में प्लाज्मा दान किया जाता है?
• एक बार में 500 ml तक प्लाज्मा दान किया जाता है I - प्लाज्माफेरेसिस प्रोसीजर में कितना समय लगता है?
• एफेरेसिस मशीन द्वारा प्लाज्मा दान में लगभग एक घंटे (40-60 min) का समय लगता है I
• प्रोसीजर के समय दानदाता आराम से मोबाइल का उपयोग कर सकता है I
• प्रोसीजर पूरी होने के बाद आबजर्वेशन और रिफ्रेशमेंट (Observation and Refreshment) के लिए दानदाता को कुछ देर (15 से 20 मिनट) के लिए रुकने की सलाह दी जाती है I
• जाने के बाद दानदाता को पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है I - प्लाज्मा दान का उचित समय क्या है?
• किसी मरीज को जरूरत पड़ने पर ही प्लाज्मा दान करने से बेहतर है कि प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा का स्टाक हमेशा उपलब्ध रहे, इस दृष्टिकोण से सभी ब्लड ग्रुप के (A, B, O, AB) दानदाता द्वारा पहले से ही एडवांस में (In Advance) प्लाज्मा दान कर देना चाहिए I
• मरीज को जरूरत के सही समय पर प्लाज्मा उपलब्ध कराया जा सकेगा I - दान किया हुआ प्लाज्मा कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है?
• दान किए हुए प्लाज्मा को डीप फ्रीजर (Deep Freezer) में माइनस -40 डिग्री सेल्सियस पर 1 वर्ष के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है I - एक बार प्लाज्मा दान करने से क्या एक ही मरीज को लाभ दिया जा सकता है?
• एक बार में 500 ml प्लाज्मा दान किया जाता है I
• एक वयस्क मरीज के लिए प्लाज्मा की एक डोज (Dose) 200 ml होती है I
• इस प्रकार दानदाता, एक बार के प्लाज्मा दान से दो मरीजों की जान बचाने में सहायता करता है I - गंभीर रूप से संक्रमित कोरोना मरीज को प्लाज्मा चढ़ाने से फायदा क्यों होता है?
• कोरोना के संक्रमित लोग, जो ठीक हो चुके हैं, उनके प्लाज्मा में कोरोना वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडीज निर्मित हो चुकी हैं, जिसके कारण वह कोरोना को मात देने में सफल हो सके हैं I
• जब उन से लिया हुआ प्लाज्मा, गंभीर रूप से संक्रमित मरीज को चढ़ाया जाता है, तो मरीज को डोनर के प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी प्राप्त हो जाती हैं, जो कि वायरस से लड़ने में सहायता करती हैं I
भानु प्रकाश शर्मा (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)