जापान के केंदीय बैंक बैंक ऑफ़ जापान के द्वारा बहुत बड़ा कदम उठाया गया है | बैंक द्वारा ब्याज दरो में इजाफा किया गया है |17 सालो के बाद बैंक द्वारा यह कदम उठाया गया है | इससे पहले बैंक ऑफ़ जापान की ब्याज दर माइनस 0.1 थी जो बदल के 0.1 कर दी गई है | यह बैंक दुनिया का आखिरी सेंट्रल बैंक था जिसकी ब्याज माइनस में थी।
आइए जानते है इस फैसले से दुनिया तथा खासकर भारत पर इसका क्या असर होगा
विदेशी निवेशक(FIIS) उन देशो में अपना पैसा लगते है जहां उन्हें अच्छा रिटर्न मिले | भारत में भी विदेशी निवेशक(FIIS) को अच्छा रिटर्न मिल रहा है | अब जब जापान में ब्याज दर बढ रहा है तो विदेशी निवेशक(FIIS) जापान में अपना पैसा लगायेगे तो भारत मे विदेशी निवेशक(FIIS) का रुख कम होगा और इंडियन मार्किट को थोड़ी मुश्किल हो सकती है | हालाँकि यह ब्याज दर बहुत मामूली है इससे भारत पर कोई असर नही होना चाहिए |
जापान के द्वारा क्यों बढाई गई ब्याज दर
जापान काफी दिनों से आर्थिक मंदी की चपेट में आया हुआ है | जापान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की लिस्ट में तीसरे नंबर से फिसलकर चौथे पर पहुंच गया | 6 महीने में जापान की जीडीपी में गिरावट आई है तथा जापान की मुद्रा “येन” की वैल्यू भी घटी है |इन सभी कारणों के चलते जापान ने अपनी आर्थिक नीति में बदलाव का फैसला किया है।