हम बात करते है भारत देश के राजस्थान की मार्च के महीने से इस बीमारी को सरकार ने गंभीरता से लिया और आम जनता को इससे सजग रहने व इससे बचाव के लिए काफी कैम्पेनिग की ताकि इस बीमारी से बचा जा सके। लॉक डाउन भी लगाया गया। सरकार ने तीव्रता दिखाते हुए जगह जगह सेनेटाइजर किया गया हर गली मोहल्ले में इसका छिड़काव किया गया। लोग घरों में कैद भी रहे नियमो का पालन भी किया । कुछ महीनों बाद अनलॉक प्रक्रिया शरू हुई तो लोग घरों से निकलने लगे तो संक्रमण तेजी से फैलने लगा है । इस पर सरकार ने पल्ला सा झाड़ लिया है । खैर बात करते है बरसात के मौसम के बाद राजस्थान में अक्सर मौसमी बीमारियों का प्रकोप रहता ही है । उसके उपाय के लिये पहले के समय मे सरकार की बड़ी ही सतर्कता रहती थी। बारिश के बाद का मौसम उमस भरा रहता है । इस बजह से जगह जगह गंदे पानी का भराव व मच्छरों से होने वाली बीमारी जैसे डेंगू मलेरिया,चिकनगुनिया,टाइफस जैसे रोग होने आम बात है।इससे निपटने लिये सरकार की तैयारिया रहती थी। गाँवो हो या शहर सभी जगह डीडीटी का छिड़काव किया जाता था ।ताकि कोई बीमारी ज्यादा न बढ़ सके। लेकिन कोरोना जैसी महामारी में सरकार का कोई ध्यान नही है । बल्कि अब सरकार को कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिये । जो कि हाल ही में बारिश के बाद देखने को नही मिला। कोरोना आएदिन बड़े बड़े अखबारों की सुर्खियों में है । जगह जगह अस्पताल मरीजो से भरे पड़े है। कई बार सुनने में आता है कि कोविड सेंटरों में मरीजो को रखने की जगह नही है । इसके चलते निजी अस्पताल आम जनता को लूट रहे है।मनमर्जी के चार्ज लगा रहे है । आखिर जनता का क्या दोष है। इस महामारी से निपटने के लिये आम जनता को भी सरकार के निर्देश का पालन करना चाहिये। कई लोग मास्क खाली दिखाने के लिये गले मे लटका लेते है । तो इस बात को लेकर सरकार को सख्ती से पालन करनी चाहिये। सरकार को अब जगह जगह कैम्पेनिग करनी चाहिये। नियमित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव होना चाहिये। ताकि आम जन पर इसका प्रभाव न पड़े और रोजमर्रा की जिंदगी जी सके।
धर्मेंद्र कुमार शर्मा (वरिष्ठ संवाददाता)
मार्मिक धारा
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)
सम्पूर्ण विश्व जगत में कोरोना का ख़ौफ़ बरकरार है।
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