राजस्थान कांग्रेस में बड़े फेरबदल की हाईकमान की कवायद के बीच शिक्षा मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने खुद के दो पांच दिन के मेहमान होने की बात कही है। 24 जुलाई को अजमेर में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली से डोटासरा कह रहे हैं, मुझसे जो करवाना है करा लीजिए, मैं दो पांच दिन का मेहमान हूं। डोटासरा के इस बयान को उनके मंत्री पद से हटने और केवल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहने से ही जोड़ कर देखा जा रहा है।
शिक्षा मंत्री डोटासरा 24 जुलाई को अजमेर के राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट जारी करने के लिए आए थे। रिजल्ट जारी करने के बाद डोटासरा बोर्ड अधिकारियों के साथ नाश्ता ले रहे थे। इस दौरान मीडिया के कैमरे चालू थे। इसी दौरान बोर्ड अध्यक्ष ने किसी फाइल को लेकर डोटासरा से जिक्र किया। उसी के जवाब में डोटासरा ने दो पांच दिन के मेहमान होने की बात कही।
कैमरे में कैद हुई पूरी बात, वीडियो हुआ वायरल-
रिजल्ट जारी करने के बाद इस वीडियो में डोटासरा बोल रहे हैं मेरे पास 1 घंटे फाइल नहीं रुकेगी। आप सोमवार को आ जाओ। 1 मिनट नहीं लगाऊंगा। मैं दो पांच दिन का मेहमान हूं, मुझसे जो कराना है करा लो। इससे बात पर बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली ने हाथ जोड़कर कहा कि मैं आता हूं सर। यह बातचीत बोर्ड की किसी फाइल के बारे में हो रही थी, जो मंत्री डोटासरा के पास पेंडिंग थी। बताया जा रहा है कि बोर्ड अध्यक्ष रीट परीक्षा, प्राइवेट स्टूडेंट की परीक्षा व सप्लीमेंट्री परीक्षा को लेकर बात कर रहे थे। संभव है फाइल भी इन्हीं मामलों की पेंटिंग हो।
कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले के मिले संकेत-
पिछले साल बगावत पर सचिन पायलट को बर्खास्त करने के बाद गोविंद सिंह डोटासरा को शिक्षा मंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। तब से उनके मंत्री पद से हटाने की चर्चाएं चल रही है। साल भर से मंत्रिमंडल का फेरबदल अटका हुआ है। इसलिए डोटासरा सत्ता और संगठन के दोनों पद पर हैं। अब एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले पर काम आगे बढ़ सकता है। हालांकि महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बाला साहेब थोराट भी मंत्री हैं। लेकिन राजस्थान में सियासी हालत को देख डोटासरा को संगठन के पद पर ही रखने की रणनीति है।
डोटासरा ने हटने के संकेत देखकर छेड़ी नई चर्चा-
गोविंद सिंह डोटासरा को राज्य मंत्री रहते हुए ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। डोटासरा प्रदेश अध्यक्ष होते हुए भी कैबिनेट में जूनियर है। उन्हें कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया। उनसे सीनियर मुख्यमंत्री के अलावा 10 मंत्री और हैं। जानकारों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष होने के बावजूद डोटासरा 10 मंत्रियों से जूनियर हैं और इसका असर कैबिनेट की बैठक से लेकर सरकार की कमेटियों तक साफ दिखता है। किसी भी बैठक में उनका बतौर सदस्य शामिल होने जाना प्रदेशाध्यक्ष के सियासी प्रोटोकॉल के खिलाफ होता है। लेकिन उन्हें साल भर से ऐसा करना पड़ रहा है। अब मंत्रिमंडल फेरबदल में डोटासरा ने खुद हटने के संकेत देकर नई चर्चा छेड़ दी है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)