भीलवाड़ा, मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के सारण का खेड़ा गांव में जहरीली शराब पीने से हुई एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई है तथा पांच की हालत गंभीर है। इनको महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद आबकारी और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। गांव में कई जगह छापेमारी की गई है। मांडलगढ़ थाने के तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। इसमें मांडलगढ़ थाना अधिकारी मनोज कुमार सहित बीट कांस्टेबल और बीट प्रभारी शामिल है। जहरीली शराब से मौत का पता चलते ही कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंच गए।
जिन लोगों ने शराब पी थी उनमें शराब बनाने वाली सतूड़ी कंजर नामक महिला भी शामिल है, जिसकी मौत हो गई है। अब तक की जांच में यह पता चला है कि जहरीली शराब के शिकार सभी लोगों ने एक साथ शराब नहीं पी। बल्कि अपने घरों में या वहीं पर खरीद कर पी थी। जहरीली शराब पीने से हजारी बैरवा, सरदार भाट और दलेल सिंह राजपूत की भी मौत हो गई है। दलेल की 3 माह पूर्व 29 नवंबर 2020 को शादी हुई थी। जिन 5 लोगों की हालत गंभीर है। उनमें दो महिलाएं नीतू कंवर और मंजू कंवर शामिल है। इसके अलावा लादू सिंह, भौम सिंह और गुल्ला कंजर की हालत भी गंभीर है।
जिले के कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की है। इनमें से कुछ को सील करने की कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस ने शक के आधार पर जांच शुरू की है कि कई शराब की लाइसेंसी दुकानों पर तो हथकढ़ शराब नहीं बिक रही है। जानकारी में सामने आया है कि कंजर बस्ती के लोग ही इस तरह की शराब बनाते हैं। इसे महुवा और गुड़ से बनाया जाता है।
इस घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया है। इसके साथ ही सीएम गहलोत ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। अशोक गहलोत ने घटना पर ट्वीट कर कहा है,”भीलवाड़ा शराब दुखांतिका में मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को दो -दो लाख रुपए और अन्य पीड़ितों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।”
वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेता एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस घटना की निंदा की है। इसके साथ ही वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर गहलोत सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा,”राज्य सरकार को जहरीली शराब के कारण हो रही मौतों पर निंदा जताकर ही इतिश्री कर लेना शोभा नहीं देता। बल्कि उन परिवारों का दुख समझते हुए उन्हें आर्थिक सहायता देने के साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।”
इससे पहले 13 जनवरी को भरतपुर के रूपवास में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हो गई थी और कुछ लोगों को दिखना बंद हो गया था। इसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर शराब की अवैध भटि्टयों को को नष्ट कर दिया था।
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)