जयपुर – माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 51/ 2020 पुलिस थाना – सपोटरा, करौली के मामले में अभियुक्त जितेंद्र को दिनांक 17 सितंबर 2020 को जमानत का लाभ दिया गया|
अभियुक्त के अधिवक्ता श्री राहुल अग्रवाल द्वारा माननीय न्यायालय में यह तर्क दिया कि मामले में पुलिस द्वारा धारा 307 आई.पी.सी. को गलत तरीके से जोड़ा गया है जबकि मामले में यदि एक्स-रे रिपोर्ट और चोट प्रतिवेदन को देखा जाए तो सभी प्रकार की चोट सामान्य प्रकृति की है | ऐसी स्थिति में अभियोजन द्वारा हत्या करने के प्रयास मे धारा 307 आई.पी.सी. का अपराध बताया जाना उचित नहीं है| जिस पर न्यायाधिपति श्री चंद्र कुमार सोनगरा द्वारा चोट प्रतिवेदन, चोटों की सामान्य प्रकृति और तथ्यों की परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्त जितेंद्र उर्फ संटू को जमानत पर छोड़े जाने का निर्णय दिया गया
भानु प्रकाश शर्मा (वरिष्ठ संवाददाता)
मार्मिक धारा
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)