लखनऊ – 28 साल पुराने सबसे चर्चित मामले बाबरी विध्वंस केस में अब आखिरकार न्यायालय ने अपना फैसला सुना ही दिया | लखनऊ की विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा निर्णय में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती सहित सभी 32 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया | न्यायालय द्वारा अपने निर्णय में कहा कि बाबरी विध्वंस सुनियोजित नहीं था |
न्यायालय द्वारा अपने फैसले में यह माना कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है और सीबीआई द्वारा जमा किए गए ऑडियो और वीडियो की प्रमाणिकता की जांच नहीं की जा सकती |
उक्त निर्णय लखनऊ के विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस के यादव द्वारा सुनाया गया | उन्हें 30 सितंबर को रिटायर होना था लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा उक्त आदेश आने तक उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था |
उक्त मामला देश के हाई प्रोफाइल मामलों में से एक है | जिसमें बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता अभियुक्त के रूप में नामजद थे | प्रकरण में कुल 49 आरोपी बनाए गए थे जिसमें से 17 लोगों का निधन हो चुका है | अब केवल 32 आरोपी ही शेष थे |
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित अन्य लोगों ने उक्त निर्णय को न्याय की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की |
भानु प्रकाश शर्मा (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)