जयपुर- प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोरोना काल में अभिभावकों से फीस वसूली के मामले में पेश याचिका में बुधवार को फिर सुनवाई की गई | मुख्य न्यायाधिपती इंद्रजीत मोहंती की खंडपीठ ने राज्य सरकार और अधिवक्ता सुनील समदरिया की अपील पर सुनवाई करते हुए सरकार से पूछा कि वह शपथ पत्र पेश करके यह बताएं कि कोरोना काल मे स्कूलों की फीस कितनी होनी चाहिए | इसके अलावा स्कूल खुलने के बाद बचे हुए सेशन के लिए कितनी फीस निर्धारित की जानी चाहिए | इस हेतु बहस के लिए आगामी तारीख 20 अक्टूबर निर्धारित की गई है तब तक फीस वसूली पर रोक का आदेश जारी रहेगा |
मामले में सुनवाई प्रारंभ होते ही अपीलकर्ता अधिवक्ता सुनील द्वारा माननीय न्यायालय में एक प्रपोजल रखते हुए कहा कि न्यायालय इस एकेडमिक सेशन के लिए 50% फीस निर्धारित कर दे जिससे कोरोना के समय में ना तो अभिभावकों पर कोई दबाव हो और ना ही स्कूल को कोई आर्थिक संकट उठाना पड़े | लेकिन इस प्रस्ताव पर स्कूल संचालकों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कमलाकर शर्मा ने आपत्ति जताते हुए मेरिट पर बहस के लिए आग्रह किया | जिसके पश्चात न्यायालय ने सरकार को शपथ पत्र पेश करने हेतु कहा जिससे कोरोना काल की फीस निर्धारित की जा सके|
भानु प्रकाश शर्मा (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)