ब्रिटेन की उड़ानों पर 7 जनवरी तक बढ़ाई गई रोक, कोरोना का नया स्ट्रेन अब तक 20 मरीजों में मिला।
देश में ब्रिटेन से मिले ज्यादा खतरनाक कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। बुधवार को 13 नए मरीज मिले। यह किस देश से हैं यह साफ नहीं हो सका है। कल मिले 7 मरीजों में से एक यूपी, एक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, जबकि तीन का कर्नाटक के हैं। इसी बीच सरकार ने ब्रिटेन आने जाने वाली उड़ानों पर रोक 7 जनवरी तक बढ़ा दी है। पहले 22 दिसंबर की आधी रात से 31 दिसंबर तक यह रोक लगाई गई थी।
ब्रिटेन से लौटी आंध्र प्रदेश की एक महिला में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। 21 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसे आइसोलेशन सेंटर भेजा गया था। वहां से भागकर वह स्पेशल ट्रेन से अपने घर राजमुंदरी पहुंची थी। महिला के साथ उसका बेटा भी था। हालांकि बेटे की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 9 से 22 दिसंबर के बीच देश लौटे संक्रमितों की जिनोम सीक्वेंसिंग जरूरी- नए स्ट्रेन के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार अलर्ट मोड़ पर आ गई है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने मंगलवार को बताया कि 9 से 22 दिसंबर के बीच भारत आए इंटरनेशनल पैसेंजर्स, जो कि सिंप्टोमेटिक या संक्रमित पाए गए हैं उनकी जिनोम सीक्वेंसिंग अनिवार्य होगी।
बता दें कि 25 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से लगभग 33000 यात्री भारत आए हैं। इनमें से अब तक 114 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह केरल, आंध्र, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल और पंजाब के है। सभी आइसोलेशन में है। इधर मध्यप्रदेश में ब्रिटेन से लौटे 372 यात्रियों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 5 सैंपल दिल्ली भेजे गए हैं। यह सैंपल भोपाल के एक, इंदौर के दो और ग्वालियर जबलपुर के 1-1 पॉजिटिव यात्रियों के हैं।
जाने जिनोम सीक्वेंसिंग के बारे में-जिनोम सीक्वेंसिंग किसी वायरस की पूरी जानकारी है। जिसमें वायरस का पूरा डाटा होता है। वायरस कैसा है? कैसा दिखता है? इसकी जानकारी जिनोम में मिलती है। वायरस के बड़े ग्रुप को जिनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की प्रोसेस को जिनोम सीक्वेंसिंग कहा जाता है। इसी के जरिए कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता लगाया जा रहा है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)