जयपुर, जयपुर शहर में ठगी की वारदातों निरंतर बढ़ रही हैं। जिसमें पुलिस का रवैया बड़ा चौंकाने वाला है पुलिस ऐसी घटनाओं में लापरवाही बरत रही है। इस संदर्भ में सांगानेर में एक घटना प्रकाश में आई।
पीड़ित विकास शर्मा निवासी प्रताप नगर ने बताया कि मेरे साथ एक व्यक्ति हितेंद्र सिंह ने अखबार में प्राइवेट बाइक टैक्सी का विज्ञापन निकाला। फिर उसने मुझसे संपर्क कर हितेंद्र सिंह के नाम से दिनांक 3/9/19₹14000-/ का चेक लिया तथा ₹20500 नगद लिये। तथा गाड़ी का आरटीओ रजिस्ट्रेशन तथा अन्य कागजों के लिए अगले दिन आने का वादा किया। आरोपी जितेंद्र सिंह ने अपना पता एसबीआई बैंक चित्रकूट नगर (वैशाली नगर) बताया। जो कि गलत था। तथा 6 महीने से वह फोन पर आनाकानी करता रहा। आखिर परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने सांगानेर थाने में 21/2/20 परिवाद दर्ज किया। तथा जांच हेड कॉन्स्टेबल सूरज मीणा को देकर इतिश्री कर दी। पीड़ित पक्ष ने स्वयं आरोपी के घर का पता लगाया। पीड़ित पक्ष 7 महीने से हैंड कांस्टेबल सूरज मीणा के पास थाने में चक्कर लगा रहा है लेकिन हेड कॉन्स्टेबल सूरज मीणा इस आरोपी के घर तक जाने को तैयार नहीं है। पुलिस के कुछ कर्मचारियों की वजह से उच्च अधिकारी व सरकार बदनाम होती है। ऐसे कर्मचारियों के साथ सरकार या उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करेंगे? तब तक हमारी मुहिम चलती रहेगी। क्योंकि ठगों को पकड़ा नहीं गया तो कोविड-19 में परेशान लोगों को ये लोग बड़ी आसानी से शिकार बना लेंगे। और यह सब पुलिस की जानकारी में हो रहा है।
हर्षवर्धन शर्मा(मार्मिक धारा)
ठगी की घटना में सांगानेर पुलिस की लापरवाही
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