रेल कर्मियों की मांगे नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन व धरना प्रदर्शन किया
करौली । ऑल इंडिया रेलवे ट्रेक मेंटेनर यूनियन के कर्मचारियों ने नई दिल्ली जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया एवं माँगो को ना मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है जिसमे सभी 17 जोन से कर्मचारी धरने मे शामिल हुए । यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र पांचाल ने ट्रैक मेंटेनर की विभिन्न मांगों को लेकर सांसद संजय सिंह को ज्ञापन दिया एवं सांसद ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को संसद सत्र शुरू होते ही संसद में रखा जाएगा गौरतलब है कि भारतीय रेलवे में 4 लाख ट्रैक मेंटेनर कार्यरत हैं जो आए दिन रेल पथ निरीक्षक एवं अन्य अधिकारियों के शोषण का शिकार होते हैं । राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि प्रत्येक वर्ष लगभग 400 ट्रैक मेंटेनर कार्य करते समय रेलगाड़ी की चपेट में आकर रन ओवर हो जाते हैं जिसके लिए रेल प्रशासन पूरी तरह उदासीन है वहीं उन्होंने बताया कि ट्रैक मेंटेनर को ट्रैक मेंटेनर से ही रिटायरमेंट कर दिया जाता है ना ही उसे अन्य विभागीय परीक्षा में सम्मिलित किया जाता है तथा 8 घंटे के बजाय 12 घंटे ड्यूटी काम में लिया जाता है ओवर टाइम भी नहीं दिया जाता है छोटी-छोटी बातों के लिए मेजर पेनल्टी लगाई जाती है । उन्होंने बताया कि लेवल 1 एवं 1800 ग्रेड पे के कर्मचारी के ऊपर मेजर पेनल्टी लगाना उचित नही है । धरना प्रदर्शन के लिए शाखा सराय रोहिल्ला ब्रांच से सैंकड़ो ट्रक मेंटेनर ने दिल्ली के लिए कूच किया वहीं यूएसएफडी से भी सैकड़ों ट्रैक मेंटेनरनो ने धरना स्थल के लिए कूच किया । ट्रैक मेंटेनर कर्मचारियों की मुख्य मांगे निम्न है जिसके अनुसार रक्षक डिवाइस उपलब्ध कराई जाए, एलडीसी ओपन टू ऑल, जीपी 4200 दिया जाए । बेसिक का 30% रिस्क अलाउंस किया जाए एवं रेलवे निजी रेलवे का निगमीकरण एवं निजीकरण बंद हो, पुरानी पेंशन बहाल की जाए,एवं आर्टिजन स्टाफ को रिस्क अलाउंस दिया जाए, ड्यूटी 8 घंटे लंच सहित की जाए, कर्मचारियों को संक्रमण भत्ता दिया जाए, महिला ट्रैक मैन को अन्य विभागों में स्थानांतरित किया जाए,प्रत्येक दिन में 2 किलोमीटर की दूरी पर विश्राम गृह स्थापित किए जाएं और पीवे मैनुअल के अंदर संशोधन किए जाए |
वाइट रेल कर्मचारी राकेश सैनी