पाठको जानते हैं क्या है मामला? भारत देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से लगातार दूसरा झटका लगा है। एक हफ्ते पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टीसीएस कंपनी पर 14 करोड डॉलर का जुर्माना लगाया था। अब इसके करीब एक हफ्ते बाद ही टेक्सास कोर्ट ने 21 करोड डॉलर (1752.73 करोड रुपए) का दूसरा जुर्माना लगाया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एपिक सिस्टम की याचिका पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज की चोरी के मामले में टीसीएस पर 14 करोड डॉलर का जुर्माना लगाया था। अब इसके करीब एक हफ्ते बाद ही टैक्सास कोर्ट ने एक और ट्रेड सीक्रेट केस में इसे डीएक्ससी टेक्नोलॉजी को (DXC TECH) को 21 करोड डॉलर (1752.73करोड रुपए) चुकाने का निर्देश दिया है।
यह कैसे कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन (CSC) ने फाइल किया जो HPE के इंटरप्राइजेज सर्विसेज बिजनेस से मिलने के बादDXE TECH बन गई। पिछले हफ्ते अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका के बाद पीसीएस ने कहा कि सितंबर तिमाही में इसकी कमाई को 12.5 करोड डॉलर का झटका लगा सकता है।
TCS का क्या कहना है?
डलास के टेक्सास फेडरल कोर्ट में एक ज्यूरी ने टीसीएस को अपना खुद का प्लेटफार्म बनाने के लिए डीएक्ससी की सॉफ्टवेयर से जुड़ी गोपनीय जानकारी के गलत इस्तेमाल का दोषी पाया गया है। जूरी के अनुसार टीसीएस ने लाइफ इंश्योरेंस और एन्यूटी पॉलिसी को मैनेज करने वाले सॉफ्टवेयर वेटेज-वन और साइबर लाइफ सॉफ्टवेयर का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
वही जुड़ी की एडवाइजरी फैसले से टीसीएस असहमत है फॉर टीसीएस के प्रवक्ता ने सभी आरोपों से इनकार किया है। टीसीएस के प्रवक्ता ने कहा है कि अब इस मामले में अदालत फैसला करेगी और कंपनी की योजना इस मुकदमे को जारी रखने की है। प्रवक्ता ने कहा मामला कोर्ट में पेंडिंग होने के कारण अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीसीएस कंपनी पर 2019 से चल रहा है यह मामला।
ज्यूरी ने इससे पहले कहा था कि DXC के ट्रेड सीक्रेट के गलत इस्तेमाल करने के लिए टीसीएस पर 7 करोड़ डॉलर और जानबूझकर और दुर्गा के पूर्ण तरीके से गलत इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त 14 करोड डॉलर का बकाया है। सीएससी ने यह मामला 2019 में दायर किया था। इससे दावा किया गया था कि टीसीएस ने 2018 में ट्रांस अमेरिका के 2200 कर्मचारियों को काम पर रखा था जिनके जरिए उसे प्रतिस्पर्धी लाइफ इंश्योरेंस प्लेटफार्म बनाने के लिए CSC के सॉफ्टवेयर , इसके सोर्स कोड और बाकी प्रॉपर्टी इनफॉरमेशन तक एक्सेस हो गई थी।
CSC ने ट्रांस अमेरिका को अपने सॉफ्टवेयर का लाइसेंस दिया था। टीसीएस ने 2018 में ट्रांस अमेरिका लाइफ इंश्योरेंस के साथ 10 साल के लिए 200 करोड डॉलर की डील की थी। इस साल बीमा कंपनी ने चुनौती पूर्ण माहौल को देखते हुए टेक खर्चों में कटौती के नाम पर यह डील रद्द कर दी थी।