काबुल, तालिबान की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। यह आरोप पूरी दुनिया तालिबान पर लगाती रही है। तालिबानी शासन के डर से अफगानिस्तान से पलायन जारी है।1 मई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। कि कई महिलाओं को काबुल हवाई अड्डे के ठीक बाहर शादी करने के लिए मजबूर किया गया है। ताकि उन्हें रेस्क्यू के योग्य बनाया जा सके।
CNNकी एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इस ट्रेड पर चिंता व्यक्त की गई है। संयुक्त अरब अमीरात(UAE) मैं रेस्क्यू केंद्रों में से एक में यह पता चला है। कि अफगान महिलाओं के कुछ परिवारों ने तालिबान से बचने के लिए उन्हें शादी करने के लिए मजबूर किया गया है।
परिवारों ने कुछ ऐसे पुरुषों को पैसे भी दिए हैं। जिसने उनकी लड़कियों से शादी की लड़कियों की शादी ऐसे पुरुषों से कराई गई है। जो काबुल से निकलने के योग्य थे। अब अफगान द्वारा उठाए गए इस चौकानेवाले उपाय, विशेष रूप से महिलाओं के बीच बेहद हताशा की तस्वीर पेश करते हैं। यहां महिलाएं तालिबान के हाथों उत्पीड़न से डरती हैं।
CNN की रिपोर्ट में कहा गया है। कि अफगानिस्तान से इस तरह से बाहर निकलने के उपायों के कारण संयुक्त अरब अमीरात(UAE) मैं अमेरिकी अधिकारियों ने खतरे की घंटी बजा दी। अमेरिकी राजनयिकों से भी संयुक्त अरब अमीरात(UAE)को ऐसे मामलों की पहचान करने में मदद करने की उम्मीद है। जहां अफगान महिलाओं के मानव तस्करी का शिकार होने का खतरा है।
अमेरिकी सैनिकों ने 30 अगस्त की रात को अफगानिस्तान में अपना अंतिम रेस्क्यू किया, जो पिछले तालिबान शासन को समाप्त करने वाले अफगान युद्ध के 20 वर्षों का अंत था।अमेरिका के बाहर निकलने के बाद से जीत की घोषणा करने वाले तालिबान ने तत्कालीन तालिबान शासन की याद दिला दी है। जिसमें महिलाओं के पास बुनियादी मानवाधिकारों का अभाव था।
तालिबान ने उन महिलाओं के यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिनके साथ परिवार के पुरुष सदस्य नहीं है। यही वजह है की महिलाओं के अफगान से भागने योग्य पुरुषों के साथ उनके परिवारों द्वारा जबरन विवाह कराए जा रहे हैं।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)