3 मार्च को राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामगंज थाने में तेलियों का मोहल्ला चौकड़ी तोपखाना हजूरी गेट के रहने वाले जावेद खान पुत्र सलम खान ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी की उसके भाई अमजद का बेटा उजेफ 2 मार्च को अपने कमरे में सोया हुआ था। इस दौरान करीब दोपहर 12 बजे उसके कमरे से रोने की आवाज आई। भाई की पत्नी अंजुम ने कमरे में जाकर देखा तो उसके बेटे उजेफ की गर्दन पर कट लगा हुआ था और खून बह रहा था। इसके बाद उसे हॉस्पिटल भर्ती कराया गया | घटना की जानकारी मिलने के बाद हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मर्डर के नजरिये से जांच शुरू की।कुछ दिन बाद बच्चे की मौत हो गई।
घटना के समय घर में बहुत से लोग मौजूद थे इसके बाद घर के सभी सदस्यों से पूछताछ की गई | जिससे पता चला की आरोपी मां अंजुम और बच्चा सबसे ऊपर की मंजिल में अकेले थे ऐसी स्थिति में किसी बाहर के व्यक्ति द्वारा बच्चे का गला काटा जाना संभव नहीं था।
घर के सदस्यों से पूछताछ के बाद अंजुम से गहनता से पूछताछ की गई | इस पुलिस पूछताछ में अंजुम ने बताया की डिलीवरी से लेकर अब तक बच्चा दिन-रात रोता रहता था जिस वजह से वह बहुत परेशान थी। दिन में अकेली होने के कारण बच्चे को सही से रख नहीं पाती थी वहीं रात में सही से सो नही पाती थी जिस वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया | अंजुम ने बताया की उसके पास सर्जिकल ब्लेड पहले से थी गला काटने के 4-5 दिन पहले से वह उसे मारने का सोच रही थी | इसके बाद 2 मार्च को दोपहर 12 बजे के करीब उसने बच्चे का गला काट दिया और घरवालो का ध्यान भटकाने के लिए कह दिया कि कोई बच्चे का गला काट कर भाग गया है। जिसने लाल रंग की शर्ट पहन रखी थी।