उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण मामले में एटीएस ने मुजफ्फरनगर के फूलत के रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। मौलाना पर अवैध तरीके से धर्मांतरण और विदेश से इसके लिए फंडिंग लेने का आरोप है। कलीम इस्लामिक विद्वानों में शुमार है। वह फूलत के मदरसा जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया के डायरेक्टर भी हैं।
7 सितंबर को मुंबई में RAS प्रमुख मोहन भागवत की अगुवाई में हुए “राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि” कार्यक्रम में भी मौलाना कलीम शामिल हुए थे। कुछ समय पहले भी अभिनेत्री सना खान का निकाह कराने को लेकर भी चर्चा में रहे थे।
एडीजी बोले 3 करोड की हुई है फंडिंग-
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि धर्मांतरण मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साक्ष्य जुटाने के लिए एटीएस की छह टीमें लगाई गई है। मौलाना कलीम ने एक ट्रस्ट बना रखा है। ट्रस्ट की आड़ में वह धर्म परिवर्तन करा रहा था। ट्रस्ट में विदेशों से फंडिंग की जाती है। मौलाना 15 सालों से धर्म परिवर्तन करा रहा है। उसके ट्रस्ट में बहरीन से डेढ करोड रुपए आए हैं। तीन करोड़ की कुल फंडिंग के अभी तक सबुत मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी तीन अन्य मौलानाओं के साथ मंगलवार शाम को मेरठ के लिसाड़ीगेट आए थे। जहां कार्यक्रम में शामिल हुए थे। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे वह नमाज के बाद अन्य मौलानाओं के साथ मुजफ्फरनगर के लिए चले गए। लेकिन रात में मुजफ्फरनगर में अपने घर नहीं पहुंचे।
परिजन ने कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। फिर बुधवार सुबह गिरफ्तारी की बात सामने आई। संदिग्ध गतिविधियों के चलते कलीम सिद्दीकी पर सुरक्षा एजेंसी की नजर थी। मौलाना के मेरठ आने की जानकारी एटीएस को पहले से थी। यही वजह है कि वापसी के वक्त उन्हें गिरफ्तार लिया गया।
आप विधायक ने गिरफ्तारी का किया विरोध-
आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने मौलाना की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा “मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। इन मुद्दों पर सेक्यूलर पार्टियों की खामोशी भाजपा को और मजबूती दे रही है। यूपी चुनाव जीतने के लिए बीजेपी आखिर और कितना गिरेगी?”
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)