देश में महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए बुरी खबर है। पेट्रोलियम कंपनियों (आईओसीएल, एचपीसीएल, बीपीसीएल) ने आज घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 25 रूपए प्रति सिलेंडर का इजाफा कर दिया है। कंपनियों के इस फैसले के बाद से रसोई गैस 838.50 रूपए की जगह 863.50 रूपए में मिलेगी। इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक रसोई गैस की कीमतों में यह छठी बार बढ़ोतरी की गई है।
इससे पहले 1 जुलाई को भी कंपनियों ने रसोई गैस की कीमतों में 25.50 रूपए प्रति सिलेंडर बढ़ाए थे। कोरोना के इस दौर में जहां एक तरफ लोगों के रोजगार ठप पड़े हैं। नौकरियों पर संकट है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, बिजली के बिल, खाद्य पदार्थ इत्यादि वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही है। जिससे निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी को भी घोषित तौर पर बंद कर दिया है। अप्रैल 2020 तक लोगों को रसोई गैस पर 147 रूपए सब्सिडी मिलती थी। लेकिन मई 2020 के बाद से अब तक सब्सिडी नहीं दी जा रही है। और दूसरी ओर मई 2020 से लेकर आज तक साढ़े 15 महीने के अंदर 306 रूपए प्रति सिलेंडर की कीमत बढ़ गई है।
कमर्शियल गैस की कीमतों में भी हुई थी 17 दिन पहले बढ़ोतरी-
इससे पहले कंपनियों ने 8 अगस्त से वाणिज्यिक उपयोग के गैस सिलेंडर की कीमत भी बढ़ाई थी। 19 किलो के कमर्शियल उपयोग के सिलेंडर की कीमत में 72.50 रूपए का इजाफा किया था। जिसके बाद कमर्शियल सिलेंडर 1644.50 रूपए में बिक रहा है। वही इससे पहले 1 जुलाई को भी कमर्शियल सिलेंडर पर 84 रूपए बढ़ाए गए थे।
लगातार बढ़ रही रसोई गैस की कीमतों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों का सीधा असर आम लोगों के ऊपर पड़ रहा है। एक और जहां आम लोगों पर आमदनी कम होने और जरूरत के समान की कीमतों में इजाफा होने से बोझ बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ती कीमतों से सरकार को फायदा पहुंच रहा है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)