अमेरिका पहुंचें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रोग्राम में खालिस्तानी समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। इन समर्थकों ने राहुल गांधी के भाषण के दौरान खालिस्तान के झंडे भी लहराए। खालिस्तान समर्थकों द्वारा यह झंडे छिपाकर अपने साथ प्रोग्राम में लाए गए थे। खालिस्तान समर्थकों ने राहुल गांधी के सामने भारत के अलावा इंदिरा गांधी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ भी नारेबाजी की।
बता दें कि प्रोग्राम के दौरान जब राहुल गांधी सभा को संबोधित कर रहे थे। कुछ लोग अचानक खड़े होकर खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। सभा में मौजूद लोग खालिस्तानी समर्थकों को देखने लगे। सभा में नारेबाजी शुरू होते ही राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करना बंद कर दिया और सिर्फ इतना कहा कि ‘मोहब्बत की दुकान- मोहब्बत की दुकान’। लेकिन इन शब्दों का खालिस्तानी समर्थकों पर कोई असर नहीं हुआ और वह लगातार नारेबाजी करते रहे।
बता दें कि 6 दिन के दौरे पर अमेरिका आए राहुल गांधी का सैन फ्रांसिस्को में भारतीयों के बीच प्रोग्राम रखा गया था। यह प्रोग्राम उनके भारत जोड़ो यात्रा के संदर्भ में रखा गया था। इस प्रोग्राम की पहले रजिस्ट्रेशन कर सीटें बुक की गई थी। प्रोग्राम में केवल उन्हीं को सीटें दी गई जिन्होंने पहले रजिस्ट्रेशन करवाया था। खालिस्तान समर्थकों ने राहुल गांधी के प्रोग्राम में खलल डालने की तैयारी बहुत पहले ही कर ली थी। खालिस्तान समर्थकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और झंडे अपनी जेब में छिपाकर साथ लाएं। राहुल गांधी ने जैसे ही सभा को संबोधित करना शुरू किया, समर्थकों ने झंडे निकालकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सुरक्षाकर्मियों ने कुछ ही समय में सभी समर्थकों को दबोच लिया और हॉल के बाहर निकाल दिया। इस पूरी घटना के दौरान यह लोग भारत विरोधी नारे लगाते रहे।
खालिस्तानी आतंकी और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। पन्नू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अमेरिका के दौरे के दौरान राहुल गांधी जहां-जहां जाएंगे उनका इसी तरह विरोध होगा।
SFJ प्रमुख पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जून को अमेरिका के वाइट हाउस में आ रहे हैं। और उनका भी इसी तरह विरोध होगा। पन्नू ने यह भी कहा कि भारत में सिखों का नरसंहार करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी का जिस तरह विरोध हुआ है ठीक उसी तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विरोध किया जाएगा।