Home News तालिबानी गुट की आपस में टकरार।

तालिबानी गुट की आपस में टकरार।

by marmikdhara
0 comment

काबुल, तालिबानी सरकार बनने के बाद आपस में ही झगड़ा करने लगे तालिबानी गुट एक विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति भवन में दो तालिबानी गुट आपस में भिड़ गए।

झगड़े का मुख्य विषय अमेरिका को अफगानिस्तान से निकालने में किसका योगदान था तथा सत्ता में किस प्रकार बंटवारा किया जाए। हालांकि तालिबान ने इस घटना को सिरे से नकार दिया है। अफगानिस्तान का डिप्टी पीएम अब्दुल गनी बरादर कई दिनों से लापता है।  वह सत्ता बंटवारे को लेकर नाखुश था। इस बात को लेकर उसकी खलील उर रहमान से झगड़ा हो गया था। दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए। झगड़ा इस बात को लेकर भी था की तालिबान की जीत का श्रेय मुख्य रूप से किसे दिया जाए।बरादर यह मानते थे कि अफगानिस्तान में उनकी कूटनीति के द्वारा जीत दर्ज की गई है। जबकि हक्कानी नेटवर्क की मानता था कि अफगानिस्तान में जंग के द्वारा द्वारा जीत की गई है।

हक्कानी नेटवर्क ने अफगानिस्तान में किए कई बड़े हमले।

हक्कानी नेटवर्क ने अफगानिस्तान में अफगान सेना और अमेरिकी सैनिक सेना को निशाना बनाकर कई बड़े हमले किए। अमेरिकी सेना ने अब हक्कानी नेटवर्क को मोस्ट वांटेड आतंकवादी संगठन की सूची में रख रखा है। हक्कानी नेटवर्क का नेता सिराजुद्दीन हक्कानी अफगानिस्तान का गृह मंत्री बना हुआ है। मतलब दुनिया का पहला मोस्ट वांटेड गृहमंत्री।

मुल्लाह बरादर की सलामती का दावा।

विदेशी मीडिया में मुल्लाह बरादर के लापता होने के कयास लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि मुल्लाह बरादर की मौत हो गई है। तालिबान से जुड़े विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि मुल्लाह बरादर काबुल से कांधार चला गया है। वहीं से अपना ऑडियो जारी करते हुए मुल्लाह बरादर ने कहा कि वह सही सलामत है।

कुछ तालिबानी कह रहे हैं कि वह कांधार तालिबान के बड़े नेताओं से मिलने गया है। और कुछ तालिबानी कह रहे हैं कि वह कंधार में आराम करने गया है।

तालिबान का शीर्ष नेता हिब्तुल्लाह अखुंदजादा भी लापता।

अखुंदजादा के बारे में यह कहा जा रहा है। की वह जल्द ही दुनिया के सामने आएंगे। लेकिन बयान देने के 15 दिन बाद भी वे दिखाई नहीं दिए हैं। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो वह गंभीर रूप से बीमार है या मर चुका है।

तालिबान के नेताओं के मत आपस में एक दूसरे से भिन्न में क्योंकि तालिबान के साथ कई आतंकवादी संगठन मिल चुके हैं। जिसमें हक्कानी गुट प्रमुख है।

आज अफगानिस्तान की धरती आतंकवादी संगठनों के लिए जन्नत बन गई है। वहां कई आतंकवादी संगठन फल फूल रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले यह भी कहा जा रहा था। कि अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना को दोबारा नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन अभी यह मुश्किल दिखाई दे रहा है।

विकास शर्मा (मार्मिक धारा)

हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा) www.Marmikdhara.in.(Hindi)
 www.Marmikdhara.com(English)

You may also like

Leave a Comment

True Facts News is renowned news Paper publisher in Jaipur, Rajasthan

Newsletter

Subscribe my Newsletter for new blog posts, tips & new photos. Let's stay updated!

Laest News

@2023 – All Right Reserved. Designed and Developed by TrueFactsNews