वॉशिंगटन, राष्ट्रपति वाईडेन मैं अमेरिकी सेना को ISIS-K पर हमले की योजना बनाने का आदेश दिया है। क्योंकि इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिक और 95 अफगानी मारे गए हैं। वाईडेन में चेतावनी देते हुए कहा हमलावर सुनने माफ नहीं करेंगे। इस हमले को हम बोलेंगे नहीं। हम बदला लेंगे और ढूंढ कर मारेंगे।
हमले का सही समय पर करारा जवाब दिया जाएगा
राष्ट्रपति वाईडेन ने अमेरिकी सेना से कहा है। ISIS-K पर हमले की योजना बनाएं। हम सही समय और सही जगह पर करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा काबुल से अमेरिकियों और अब गाड़ियों को निकालने का मिशन जारी रहेगा। हम अपना मिशन रुकने नहीं देंगे जरूरत पड़ी तो और ज्यादा सैनिक अफगानिस्तान भेजेंगे। लेकिन हार नहीं मानेंगे। उन्होंने अमेरिकियों को ललकारा है।
हमने अपने देश के वीरों को खोया है।
काबुल हमले में मारे गए अपने सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हमने उन लोगों को खोया है। जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी सुरक्षा के लिए लड़े। जिन्होंने अमेरिका के साथ दूसरे देशों की सेवा की है। कभी भी मैंने यह नहीं सोचा कि अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार बनाने के लिए हमें अमेरिकी सैनिकों का बलिदान देना चाहिए।
काबुली एयरपोर्ट पर फिर से हमले का खतरा
अमेरिकन ब्रॉडकास्ट कंपनी (ABC)के अनुसार एयरपोर्ट के मुख्य गेट पर कार बम ब्लास्ट का खतरा है। ऐसे में काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास में नया अलर्ट जारी किया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि हम आतंकवादियों को ढूंढ ढूंढ कर मारेंगे।
ट्रंप ने की वाईडेन की आलोचना।
काबुल धमाके के बाद डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर और पूर्व प्रवक्ता डेन क्रेनशॉ ने बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा भाई बाइडेन अब इस मामले को संभालिए। जिसको आपने ही खड़ा किया। इस से भागने की कोशिश मत कीजिए। आपके हाथ खून से रंगे हुए हैं।
काबुल हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े।
काबुल हमले की जिम्मेदारी ISIS खुरासान यानी ISIS-K ने ली है। इस आतंकी संगठन का चीफ है। मामलावी अब्दुल्लाह उर्फ असलम फारुकी जो कि एक पाकिस्तानी नागरिक है। खुरासान के चीफ बनने का सफर उसका यही से लागू हुआ है। उसकी जड़ें यही है। वह लश्कर और तहरीक जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा हुआ है। कुल मिलाकर सारे आतंकवाद की जो जड़ है। वह पाकिस्तान देश ही है। जो जगजाहिर है।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)