जयपुर- सी जे इंद्रजीत मोहंती की खंडपीठ ने राज्य सरकार के उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया जिसमें सरकार ने 6 माह के लिए चुनाव को आगे बढ़ाने की मांग की थी | राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब जयपुर, जोधपुर और कोटा के नवगठित 6 नगर निगमों के चुनाव तय समय पर किया जाना निश्चित है |
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह हवाला दिया है कि जब राज्य में पंचायत चुनाव हो सकते हैं और बिहार में भी चुनाव हो सकते हैं तो राज्य सरकार नगर निगम के चुनाव किस आधार पर टालना चाहती है | ऐसे में अब सरकार को 31 अक्टूबर तक चुनाव कराए जाने की रणनीति बनानी होगी | राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सुनवाई के दौरान बताया गया था कि वह तय समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरीके से तैयार है |
जयपुर, जोधपुर और कोटा में पहले चुनाव अक्टूबर 2019 में किए जाने थे परंतु राज्य सरकार को तीनों नगर निगमों के विभाजन किए जाने के कारण 6 माह का समय तैयारियों के लिए नियमों के तहत मिल गया था | जिसके बाद 5 अप्रैल 2020 को चुनाव की तारीख तय की गई थी परंतु कोरोनावायरस को देखते हुए राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर उच्च न्यायालय द्वारा चुनाव हेतु 6 सप्ताह का समय दिया गया था | जिसके बाद फिर राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी का हवाला देते हुए हाईकोर्ट से चुनाव 31 जुलाई तक आगे करवाने हेतु समय ले लिया | मियाद खत्म होने से पहले ही राज्य सरकार द्वारा तीसरी बार चुनाव की समयावधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जिस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 31 अक्टूबर तक चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे | इसके पश्चात अब फिर राज्य सरकार ने चुनाव आगे करवाने के संदर्भ में प्रार्थना पत्र लगाया था जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया और सरकार की चुनाव आगे बढ़ाने की मांग ठुकरा दी |
भानु प्रकाश शर्मा (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)