संसद में मॉनसून सेशन का तीसरा हफ्ता भी काफी हंगामेदार रहा। पेगासस जासूसी कांड और नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला कर रहा है। बुधवार को भी जासूसी कांड पर दोनों सदनों में हंगामा जारी है। विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
पेगासस पर लोकसभा में चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और मणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव भेजा। इसी मुद्दे पर टीएमसी सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने भी स्थगन प्रस्ताव दिया। वहीं कांग्रेस एमपी दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत केंद्र सरकार के कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए सस्पेंशन आफ बिजनेस नोटिस दिया।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, संसद को फिश मार्केट मत बनाइए-
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन के चाट पापड़ी वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर उन्हें चाट पापड़ी से एलर्जी है, तो वह फिशकरी खा सकते हैं। लेकिन संसद को फिश मार्केट मत बनाएं। दुर्भाग्य से जिस तरह से संसद की गरिमा को धूमिल करने की साजिश के तहत काम हो रहा है, वह पहले कभी नहीं देखा गया।
मंगलवार को संसद में हुए दो बिल पास-
लोकसभा में मंगलवार को आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक 2021 पारित हुआ है। यह केंद्र सरकार को आवश्यक रक्षा सेवाओं में लगी इकाइयों में हड़ताल, तालाबंदी और छटनी पर रोक लगाने की अनुमति देता है। वहीं राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऋणशोधन और दिवाला संहिता संशोधन विधेयक 2021 पेश किया और उसे पारित भी कर दिया गया।
बीते दो हफ्तों में संसद में 18 घंटे ही हुआ कुल कामकाज-
संसद का मॉनसून सेशन 19 जुलाई से शुरू हुआ। बीते दो हफ्तों में दोनों सदनों को मिलाकर कुल 18 घंटे ही कामकाज हो सका। जो कि 107 घंटे होना चाहिए था। लोकसभा में 7 घंटे और राज्यसभा में 11 घंटे कामकाज हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक कामकाज ना होने से टैक्सपेयर्स का 133 करोड रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)