शिक्षक
जीवन में सफल होने में शिक्षक की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जीवन का पहला गुरु मां को माना जाता है, क्योंकि वह हमें बोलना व चलना सिखाती है।लेकिन इस दुनिया में अपने कार्य से लोगों को प्रभावित करने शिक्षक ही सिखाता है।इसलिए माता-पिता के बाद जीवन में अत्यधिक सम्माननीय है वह एक शिक्षक है। शिक्षक समाज में अच्छे इंसान और देश के अच्छे नागरिक बनाने में हमारी मदद करता है, क्योंकि अध्यापक जानते हैं कि विद्यार्थी किसी भी देश का भविष्य है।
जापान में सबसे अधिक सम्मान शिक्षक को दिया जाता है। हमारे देश में शिक्षक का विशेष महत्व है। शिक्षक अपने छात्र को बस एक छात्र समझकर ही विद्या देता है। वह धर्म जाति आदि से ऊपर उठकर अपने छात्र से प्रेम करता है। शिक्षक की डांट में भी प्यार है। केवल मां बाप के अलावा एक शिक्षक ही चाहता है कि मेरा विद्यार्थी दुनिया में सम्मान प्राप्त करें और अच्छे सम्मानीय पद पर पहुंचे। छात्र भी अपने अध्यापक का अनुसरण करते हैं। छात्र अध्यापक के कार्य के तरीके, बात करने के तरीके तथा अध्यापक के चरित्र तक का अनुसरण करते हैं। इसलिए अध्यापक का जीवन एक संतुलित जीवन होता है और समाज की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। शिक्षक एक गौरव का सूचक है, क्योंकि शिक्षक की छाप जीवन भर रहती है।शिक्षक विश्लेषण के लिए छात्रों के दिमाग में डाटा और जानकारी भरते हैं।शिक्षकों की सराहना बहुत जरूरी है क्योंकि शिक्षक देश में सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। आज हम बिजनेस राजनीति और समाज में जो कुछ भी देख रहे हैं वह सभी शिक्षकों से प्रभावित है। इसलिए हमारे देश में शिक्षकों के सम्मान में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
आज लोग शिक्षक दिवस मना कर भूल जाते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट डाल कर भूल जाते हैं।
शिक्षकों को खुशी तब मिलती है जब एक छात्र अच्छा इंसान बन जाता है अपने कैरियर का बिजनेस में सफल हो जाता है। भारत की प्राचीन परंपरा गुरु का महत्व भगवान से बढ़कर बताता है। कुछ शिक्षक जो कि महान होते हैं वह हमेशा छात्रों के दिलों में रहते हैं।
मैं अपने जीवन के सभी शिक्षकों को हृदय से चरण स्पर्श करता हूं तथा सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देता हूं। हम अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं कि हम शिक्षक हैं।
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)