सूरत सिविल हॉस्पिटल के कोविड वार्ड में बड़ी लापरवाही सामने आई। इस वार्ड में भर्ती एक महिला प्यास से तड़प रही थी, उसकी सांस फूल रही थी, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। महिला द्वारा अपने देवर को वीडियो कॉल करके मदद की गुहार लगाई गई। इसके बाद परिवार वालों ने हॉस्पिटल में डॉक्टर से लेकर वार्ड के कर्मचारियों तक को फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। और अगले दिन सुबह महिला को मृत घोषित कर दिया गया।
मृतका पूनमबेन के देवर दीपक ने बताया कि भाभी को 19 मार्च की रात को वीडियो कॉल किया था तब वह बिस्तर से उठ नहीं पा रही थी। पूनमबेन ने 18 मार्च को हॉस्पिटल में बेटी को जन्म दिया। इससे पहले उनका कोविड टेस्ट किया गया था, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। डिलीवरी के बाद दोबारा टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तब पूनमबेन को कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया।
विजय नगर सोसायटी में रहने वाली पूनम की शादी 9 साल पहले तुषार जेठे से हुई थी। उनकी बेटी पहले से है। पूनम के देवर का कहना है कि बच्ची के जन्म के तुरंत बाद डॉक्टरों ने बताया कि भाभी की किडनी फेल हो गई है। परिवार वालों का कहना है जब पहले किडनी की कोई समस्या नहीं रही तो बच्ची होते ही किडनी कैसे फेल हो गई? इससे तय हैं कि हॉस्पिटल की ओर से कोई बड़ी लापरवाही हुई है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)