पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने बारां जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने के बाद गहलोत सरकार पर निशाना साधा। राजे ने बयान जारी कर कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि की मार से परेशान हाड़ौती की जनता खून के आंसू रो रही है। राज्य सरकार जयपुर के सिविल लाइंस में चैन की नींद सो रही है। चक्रवात ताऊते के समय पीएम नरेंद्र मोदी ने दौरा किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा कर लोगों को राहत पहुंचाई। राजस्थान के सीएम भी बाहर निकले और जनता की सुध ले।
सरकार ने जनता को अपने हाल पर छोड़ा-
वसुंधरा राजे ने कहा कि पिछले 10 दिन की अतिवृष्टि से उपजे बाढ़ के हालात में राज्य सरकार ने जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है। संकट की इस घड़ी में जनता के दुख-दर्द देखने की जगह मुख्यमंत्री और मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा कर खानापूर्ति में करने में लगे हुए हैं। दर्जनों लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों मकान ढह गए। हजारों पशु मर गए, लापता हो गए। राज्य सरकार और प्रशासन आंख बंद कर बैठा है। संकट इस दौर में भाजपा जनता के दुख-दर्द जानने की और उनकी मदद के लिए जमीन पर खड़ी है। हाडौ़ती में 100 फ़ीसदी फसलें बर्बाद हो चुकी है। और संभागीय आयुक्त 30 फिसदी़ फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट देखकर आंखों में धूल झोंक रहे हैं। बारां, झालावाड़, कोटा और बूंदी के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए हैं। लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
जल स्वावलंबन योजना बंद होने का है नतीजा-
वसुंधरा राजे ने कहा कि सरकार की दूरदर्शिता के चलते हाडौ़ती के ऐसे हालात हुए हैं। राजनीतिक कारणों से हमारी सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना को बंद करने का नतीजा आज कोटा संभाग ही नहीं, पूरा प्रदेश भुगत रहा है। इस योजना से गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में ही एकत्र होता था। अब हालात यह है कि करीब-करीब पूरा हाडौ़ती जलमग्न हो गया है। सोयाबीन, चावल, उड़द, मक्का और ज्वार की बुवाई करने वाले हाडौती के किसान खून के आंसू रो रहे हैं।
राजे ने कहा सरकार भले ही सोती रहे, हम प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। राजे ने सोमवार को हवाई दौरा करने के बाद बारां सर्किट हाउस में प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक करते राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और लोगों की हर संभव सहायता करने का आदेश भी दिया।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)