जयपुर, दुनिया की सबसे बड़ी कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। राजस्थान में शनिवार को 167 केंद्रों पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अभियान की शुरुआत कर दी है। अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर वीबी सिंह को पहला टीका लगाया गया। प्रदेश के सभी 33 जिलों में पहला टीका डॉक्टर्स को भी लगाया गया। अलवर में एक हेल्थ वर्कर ने खाली पेट टीका लगवाया। इसके कुछ देर बाद उसे उल्टी होने लगी। अब वह ठीक है।
जयपुर में 21 सेंटर सहित प्रदेश के सभी शहरों में हेल्थ वर्कर्स को टीका लगाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। भी बेहद उत्साह में दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि उन्हें पूरी दुनिया में सबसे बड़े टीका अभियान का अग्रज चुना गया है। जयपुर के सबसे बड़े अस्पताल S.M.S. में अभी प्रक्रिया चल रही है।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल से प्रदेश का पहला टीका मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को लगना था। अभी तक प्रदेश का पहला टीका अधिकृत रूप से घोषित होने के बाद नहीं लगा।जबकि जयपुर के कांवटिया अस्पताल से इसकी शुरुआत हुई है।
जोधपुर के सुनील चौधरी को टीकाकरण के लिए चुना गया है। अपने मोबाइल पर एसएमएस इसकी जानकारी दे दी गई है।
बीकानेर के जीरियेटिक सेंटर पर वैक्सीनेशन का पहला टीका पीबीएम अध्यक्ष परमेंद्र सिरोही को लगाया गया है।
कोटा शहर में नए अस्पताल में सबसे पहला टीका मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के लगाया गया है। जिनका नाम मुकेश सोनी है।
अलवर से जिला अस्पताल पीएमओधर्मेंद्र यादव को टीका लगाया गया है। कुछ समय बाद एक हेल्थ वर्कर को टीका लगाया गया। लेकिन उसको उल्टी होने लगी। जिस पर डॉक्टर का कहना है कि खाली पेट वैक्सीन लगवाई थी। इसलिए उल्टी हुई है। इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है। अब वह ठीक है।
उदयपुर में पहला टीका महाराणा भूपाल चिकित्सालय के सुपर स्पेशलिटी विंग मेंCMHO दिनेश खराड़ी को कोविशील्ड वैक्सीन का टीका लगाया जा चुका है।
अगर कोई हेल्थ वर्कर गर्भवती महिलाएं हैं या जो ब्रेस्टफीडिंग करवा रही है। उन्हें यह वैक्सीन फ़िलहाल नहीं लगाई जाएगी।
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)