मशहूर भोजपुरी फिल्मों एवं एकल गीतों के चर्चित गीतकार श्याम देहाती का निधन हो गया है। वे 33 साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह गए। बेतिया, बिहार के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि 3 दिन पहले उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था। हालत बिगड़ने के बाद रविवार को एंबुलेंस द्वारा बेतिया से गोरखपुर ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई। और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया।
बता दें कि श्याम देहाती की शादी हो चुकी थी। वे 5 साल की बेटी और डेढ़ साल के बेटे के पिता थे। पत्नी और बच्चों के साथ वे अपने पीछे माता पिता को भी छोड़ गए हैं। गायक व अभिनेता खेसारी लाल यादव ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “हम सभी की लाख कोशिश के बावजूद हमारा भाई श्याम देहाती अब नहीं रहा। यह मैसेज हमसे शेयर नहीं किया जा रहा। मन बहुत भारी हो रहा है। भाई आप इस दुनिया में नहीं है लेकिन आपकी लिखा हर गीत हम सभी के बीच आपके होने का एहसास दिलाएगा।”
भोजपुरी के वरिष्ठ फिल्म समीक्षक ए एन सिंह ने बताया कि श्याम देहाती शुरुआती दौर में मुंबई रोजी रोटी की तलाश में गए थे। जहां उन्हें लिफ्टमैन की नौकरी मिल गई थी। जिस बिल्डिंग में लिफ्ट मैन की नौकरी करते थे, उसमें फिल्मकार आना जाना था। कई बिहारी फिल्म निर्माता भी आते जाते थे। इसी दौरान वहु “निरहुआ रिक्शावाला” के निर्देशक केडी के संपर्क में आए और उन्हें उस फिल्मी गाना लिखने का मौका मिला।
2007 में फिल्म “निरहुआ रिक्शावाला” से बतौर गीतकार भोजपुरी फिल्म जगत में डेब्यू करने वाले श्याम देहाती के पास इस फिल्म के हिट होने के बाद काम का अंबार लग गया था। दर्जनों फिल्मों में गीत लिखने के बाद उन्होंने फिल्मों में संगीत देने का काम भी किया। हाल ही में श्याम देहाती को उम्मीद थी कि “रानी दिलबर जानी” से वे भोजपुरी के दूसरे गायको वह गीतकारों की तरह बड़ा नाम बन जाएंगे और उनकी किस्मत पलट जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बताया जाता है कि श्याम देहाती पिछले डेढ़ साल से काफी व्यथित चल रहे थे। और उन्होंने हाल ही में अपना अलग नमकीन उद्योग भी शुरू करने की कोशिश की थी।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)