पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि “वे पोस्टरों में नहीं, जनता के दिलों में रहना चाहती है।” भाजपा कार्यालय में लगे पोस्टर से उनके फोटो हटने पर सवाल पर यह जवाब दिया। उन्होंने बताया कि “जब मैं सीएम थी, तब जयपुर में जगह-जगह मेरे पोस्टर लगाए जाते थे। पर जब भी मेरी नजर उन पोस्टर पर पड़ती, मैं उन्हें तत्काल हटवा देती थी। क्योंकि पोस्टर या कागजों में नहीं, मैं जनता के दिलों पर राज करना चाहती हूं। जनता के दिलों में रहना चाहती हूं। किसी के जख्म और किसी के घाव पर मरहम लगाना चाहती हूं।
कागजों और पोस्टरों में रहने से कुछ भी होने वाला नहीं है। मुझे तो लोगों के दिलों में राज करना है। ऐसा काम करना है जिससे लोग याद रखें। तब ही उनके दिलों में बस सकूंगी। मेरे लिए सबसे बड़ी बात तो यह है कि लोग याद करते हैं। लोगों के दिल में मेरी बात है। इससे बड़ा मेरा सौभाग्य और क्या हो सकता है। जब हर आदमी मुझे प्यार करेगा, हर एक आदमी ही मुझे आशीर्वाद देगा, हर एक आदमी ही मुझे याद करेगा, तो इससे बड़ी चीज मेरे लिए क्या हो सकती है। मैं यही कोशिश करती हूं। मेरे 30 साल के राजनीतिक जीवन का उद्देश्य भी यही है।”
गुलाबचंद कटारिया ने कहा, होल्डिंग्स पर फोटो लगने से कोई सीएम नहीं बन जाता-
पोस्टर विवाद के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पोस्टर और होर्डिंग लगाने से कोई भी नेता या मुख्यमंत्री नहीं बन जाता। पार्टी में इसकी गलतफहमी किसी को हो तो निकाल देना चाहिए। यही नहीं इससे आगे कटारिया ने कहा कि दिलों पर राज करना जनता की सेवा पर निर्भर करता है। जो जितनी सेवा करेगा, उसकी फोटो भले ही नहीं छपी हो लेकिन वह दिलों पर राज करेगा।
पोस्टर को नहीं मानती वसुंधरा राजे-
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पोस्टर की बातें खत्म हो गई है। वसुंधरा राजे हमारी नेता है। वह इन बातों को मानती हैं। इस पर चर्चा करने की आवश्यकता नहीं है। वसुंधरा राजे ने खुद ही पोस्टर को लेकर कह दिया है वह लोगों के दिलों में राज नहीं करती, तो दो दो बार मुख्यमंत्री थोड़े ही बनती। वह लोकप्रिय तो थी ही, आज भी उनकी भूमिका है। राजस्थान की राजनीति में उनकी भूमिका को कौन नकार सकता है। वसुंधरा राजे नेता है और नेता ही रहेगी।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)