शेयर मार्केट में इन दोनों आईपीओ की बहार आई हुई है टाटा कंपनी ने 20 साल बाद अपना एक आईपीओ निकला है 20 नवंबर से 24 नवंबर के बीच में पांच कंपनियों ने अपने-अपने आईपीओ निकालें हैं।
सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने न कहा कि ” आईपीओ के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन निकालने का तरीका परफेक्ट नहीं होता है ऐसे में सही रणनीति यह होती है कि रिटेल निवेशक इन कंपनियों के शेयर प्राइस को सेटल होने दें और स्टॉक मार्केट के जरिए इसमें निवेश करें। रिटेल निवेशकों को इस कोड से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।” माधवी पुरी बुच ने सेबी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की हुई एक बैठक के दौरान मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही।
माधवी पुरी बुच ने आगे कहते हुए कहा “आईपीओ में वैल्यूएशन तय करने का तरीका हमेशा सही नहीं होता है। यदि संस्थागत निवेशक को खरीदारी करनी है तो उन्हें बड़ी खरीदारी करनी होगी वे सेकेंडरी मार्केट में खरीदारी नहीं कर सकते लेकिन रिटेल निवेशक को तो छोटी मात्रा में शेयर खरीदने होते हैं इसलिए बेहतर रणनीति है कि वह आईपीओ के बाद कीमतों के स्थिर होने का इंतजार करें। कंपनी की पूरी रिसर्च करें उसके बाद कंपनी में निवेश करें।”
आईपीओ बाजार में भीड़ पर बुच ने कहा, “निर्यामक को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए क्योंकि हम अवसर से दूर हो सकते हैं लेकिन बाजार में एक नेचुरल चेक एंड बैलेंस है इनवेस्टमेंट बैंकर या आकलन करते हैं कि कहीं बाजार में अधिक भीड़ तो नहीं है।”रिटेल निवेशकों का पैसा डूबने की आशंका ज्यादा रहती है इसलिए सेबी चेयरपर्सन ने ऐसी राय दी हैं।