Home News निजी हॉस्पिटल की मनमानी पर नहीं टूट रही है प्रशासन व राज्य मंत्री की खामोशी-

निजी हॉस्पिटल की मनमानी पर नहीं टूट रही है प्रशासन व राज्य मंत्री की खामोशी-

by marmikdhara
0 comment

12 मई, भरतपुर, वैश्विक करोना महामारी के दौर में लोगों को राहत देना तो दूर जिम्मेदारो ने सरकारी वेंटिलेटर निजी अस्पतालों को देकर लोगों को आहत कर दिया है। भरतपुर जिले के निजी हॉस्पिटल इस महामारी के दौर को कमाई का अवसर समझ रहे हैं। निजी अस्पतालों में पहुंच रहे लाचार मरीज लूटते नजर आ रहे हैं। लेकिन इन पर कार्रवाई तो दूर ऐसे अस्पतालों की ओर कोई देखने तक की जहमत नहीं उठा रहा है।

मीडिया में लगातार मुद्दा उछलने के बाद चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने कहा है कि निजी चिकित्सालय वाले कितने भी रसूखदार हो उनके खिलाफ अधिक राशि वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मंत्री ने कह तो दिया लेकिन जिले में ऐसे अस्पतालों खिलाफ कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही है। ऐसे मामलों में एफ आई आर कराने तक का प्रावधान है लेकिन मेहरबानियां सिस्टम पर हावी हैं। कलेक्टर साहब पर कोई असर नहीं हो रहा है। “गूंगे अफसर और बहरा सिस्टम” प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही ना होने पर लूट का खेल खुलेआम चल रहा है। बढ़ते संक्रमण के बीच जिंदगी बचाने को लोग सरकारी अस्पतालों में जगह नहीं मिलने के कारण निजी अस्पतालों की ओर भाग रहे हैं। लेकिन उन्हें यहां इलाज की भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ रही है।

दूसरी तरफ मंगलवार को सरकार द्वारा एक आदेश दिया गया है। जिसमें निजी अस्पताल को संसाधन देने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है। कि निजी अस्पताल मरीजों से अधिक राशि नहीं वसूल सकेंगे। यह आदेश कानून का एक तोड़ है। अब निजी अस्पतालों ने मरीजों को बिल देना बंद कर दिया। अब मरीजों को बिल भी नहीं मिल रहा है। इस प्रकार निजी अस्पतालों को कोर्ट से राहत देने वाला आदेश है।

जिंदल हॉस्पिटल में मरीज अनीता गर्ग के भाई प्रवीन गर्ग ने बताया। कि उन्होंने अपनी बहन अनीता गर्ग को 24 अप्रैल को शहर के जिंदल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जिनकी 29 अप्रैल को मौत हो गई। प्रवीन गर्ग ने बताया कि मैं लगातार जिंदल हॉस्पिटल से बिल मांग रहा हूं, लेकिन वह लगातार बिल देने की बात को टाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिंदल हॉस्पिटल की ओर से 1 दिन का चार्ज करीब 30,000 रूपए वसूला गया। 5 दिन का खर्चा करीब डेढ़ लाख रुपया आया। प्रवीन गर्ग ने आरोप लगाया जिंदल हॉस्पिटल में मृत्यु दर बहुत अधिक है। मेरी नजर में जितने भी मरीज आए, वह ठीक होकर नहीं गए। उनकी डेड बॉडी ही अस्पताल से गई।

यह सरकारी आदेश तो निजी अस्पतालों के लिए “रामबाण” साबित होगा।

इस मामले में भरतपुर शहर वासियों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,”बंद होना चाहिए लूट का कारोबार”

प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं वर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस साहब सिंह एडवोकेट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर आरबीएम हॉस्पिटल से वेंटिलेटर प्राइवेट जिंदल हॉस्पिटल में भेजने के मामले की जांच कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग की है। पत्र में लिखा गया है आरबीएम हॉस्पिटल से करीब 10 वेंटिलेटर जिंदल हॉस्पिटल भेजे गए हैं। यदि यह कृत्य सत्य पाया जाता है तो यह कृत्य आपका और आपके अधीन सरकार की शुद्ध जनउपयोगी न्याय पूर्ण और ईमानदारी पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। इसे कांग्रेस के निष्ठावान लोग आहत हुए हैं। साथ ही उन्होंने पत्र में लिखा चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग को भी निर्देशित करें। वह 4 दिन से इस संदर्भ में कुछ नहीं बोल रहे हैं। इससे भी लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है। तथा स्थानीय शहर वासियों में आक्रोश है।

इस प्रकार इतना सब होने पर भी प्रशासन ने जिंदल हॉस्पिटल पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)

You may also like

Leave a Comment

True Facts News is renowned news Paper publisher in Jaipur, Rajasthan

Newsletter

Subscribe my Newsletter for new blog posts, tips & new photos. Let's stay updated!

Laest News

@2023 – All Right Reserved. Designed and Developed by TrueFactsNews