जयपुर – माननीय न्यायालय द्वारा करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में अभियुक्त किसान जगदीश को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी गई है मामले के संक्षिप्त तथ्य यह है कि भांकरोटा थाने मे परिवादी भानु प्रताप सिंह राठौड़ द्वारा एक रिपोर्ट इस आशय की प्रस्तुत की थी की परिवादी की फर्म एसकेजी B3 बी एल एल बी एलएलपी एक रजिस्टर्ड फर्म है जो रियल स्टेट का कारोबार करती है | इसी क्रम में अभियुक्तगण द्वारा उनसे करोड़ों रुपए लेकर अपनी खातेदारी की जमीन बेची जबकि उक्त जमीन मैं उनका कोई हिस्सा नहीं है | अभियुक्तगण द्वारा उनसे लगभग 4.5 करोड रुपए हड़प लिए | जिस पर पुलिस थाना भांकरोटा द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट नंबर 56/2020 दर्ज की गई |
प्रकरण में अभियुक्त खातेदार किसान जगदीश पुत्र श्री भैरू राम द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जिसे न्यायालय ने दिनांक 3 अक्टूबर 2020 को स्वीकार किया |
न्यायालय में अभियुक्त के अधिवक्ता श्री अजीत सिंह देवन्दा द्वारा यह तर्क प्रस्तुत किया कि वास्तव में प्रकरण में अभियुक्त को मिथ्या फसाया गया है स्वयं अभियुक्त द्वारा परिवादी के विरुद्ध इसी इकरारनामें से संबंध में चेक अनादर का मामला प्रस्तुत कर रखा है | इसके अतिरिक्त उक्त परिवादी के खिलाफ उसके द्वारा पुलिस थाना भांकरोटा में इसी संबंध में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी |
न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या -8 जयपुर महानगर द्वितीय द्वारा अधिवक्ता अभियुक्त श्री अजीत सिंह देवन्दा के तर्क एवं केस डायरी के अवलोकन के बाद अभियुक्त जगदीश का अग्रिम जमानत आवेदन स्वीकार किया गया
भानु प्रकाश शर्मा (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)