दौसा जिले के महवा में टिकरी गांव के पास बने मंदिर की जमीन हड़पने के मामले में पुजारी शंभू शर्मा की मौत के बाद बड़ा बवाल हो गया। 6 दिन से महवा थाने के बाहर चल रहा धरना गुरुवार को जयपुर में सिविल लाइंस फाटक तक पहुंच गया। जबकि सांसद किरोड़ी लाल मीणा और उनके समर्थक पुलिस को गच्चा देकर शव को एक लकड़ी के बॉक्स में रखकर जयपुर ले आए। और उसे सिविल लाइंस फाटक पर रख दिया। शुक्रवार को भी यह धरना जारी रहा।
गुरुवार देर शाम सांसद किरोड़ी लाल मीणा, सांसद रामचरण बोहरा, भाजपा और विप्र सेना की 11 सदस्य प्रतिनिधिमंडल गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी से वार्ता करने पहुंचे लेकिन वार्ता में मांगे नहीं माने जाने पर वार्ता बेनतीजा रही। इस पर डॉ किरोड़ी लाल मीणा, भाजपा के पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी और विप्र सेना के अध्यक्ष सुनील तिवारी ने सिविल लाइंस फाटक पर ही अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की घोषणा कर दी।
इस घटनाक्रम के बाद सांसद किरोडीलाल मीणा के लिए धरना स्थल पर ही खाट मंगवा ली गई। वे वही अपने समर्थकों के साथ डेरा जमा कर बैठ गए। वहीं दूसरी तरफ विप्र सेना और भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी धरनास्थल पर बैठ गए। शुक्रवार को विहिप के महानगर प्रमुख भारत शर्मा भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स को मोके पर तैनात किया गया है। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने टेंट और दरिया बिछा दी, ताकि तेज धूप से बचाव हो सके।
पुजारी शंभू शर्मा की मौत के बाद किरोड़ी लाल मीणा और पुजारी के परिवार व स्थानीय लोग शव लेकर महवा थाने पहुंच गए थे। और वही धरना जारी रखा। शव लकड़ी के बॉक्स में रखा हुआ था। इस बीच किरोडी लाल मीणा को भनक लग गई कि पुलिस बल प्रयोग कर शव को कब्जे में ले सकती है। इससे पहले ही किरोड़ी लाल मीणा और उनके समर्थकों ने शव को दूसरे बॉक्स में शिफ्ट करने के बहाने बदल दिया और उसे जयपुर में सिविल लाइंस फाटक पर ले आए। इससे दौसा में महवा पुलिस बेखबर रही और एक बड़ी चुप सामने आई। इस दौरान दौसा एसपी अनिल बेनीवाल ने महवा थाना प्रभारी नरेश शर्मा को निलंबित कर दिया।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)