राजस्थान में फोन टैपिंग मुद्दे पर अब दिल्ली में भी सियासत गरमा गई है। मामला अब संसद तक पहुंच गया है। मंगलवार को लोकसभा में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने फोन टैपिंग का मुद्दा उठाया। सांसद सीपी जोशी के मुद्दा उठाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी से संबंधित मंत्रालय को मामला भेजने और इसकी पूरी जांच करवाने का आश्वासन दिया। अब मामला केंद्रीय मंत्रालय तक पहुंच गया है।
लोकसभा में मामला उठाते हुए सांसद सीपी जोशी ने कहा “राजस्थान में जिस तरह लोकतंत्र की हत्या हो रही है, दो धडो़ं में बटी अपनी सरकार बचाने के लिए पहली बार ऐसा उदाहरण आया है। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने एक वीडियो टेप जारी किया था। इसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त का दावा किया। गृह सचिव और मुख्य सचिव की अनुमति के बिना किसी का फोन टैप नहीं किया जा सकता। राजस्थान में गिरती सरकार बचाने के लिए विधायकों के फोन टेप किए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के विधायकों, विपक्ष के लोगों के भी फोन टेप किए जा रहे हैं। जबकि फोन टेप आपातकालीन स्थिति या खतरे की स्थिति में ही किए जाते हैं।”
सांसद सीपी जोशी ने कहा कि “मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि मेरी सरकार के फोन टैप करवाने की बात साबित हो जाए तो, राजनीति से संन्यास ले लूंगा। खुद मुख्यमंत्री का वीडियो है। केंद्र सरकार इस पूरे फोन टैपिंग के मामले की सीबीआई जांच करवाएं। इस अहम मसले पर आश्वासन भी दे।” सीपी जोशी के मामला उठाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि इस मामले को संबंधित मंत्रालय को भेजा जाएगा और इसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)