उदयपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में काम आने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। बुधवार रात उदयपुर की स्पेशल पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र को 2800 रुपए की कीमत के रेमडेसिविर इंजेक्शन को 35000 रूपए में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया। उदयपुर पुलिस के एडिशनल एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। और उनके साथियों की तलाश शुरू कर दी है।
उदयपुर स्पेशल पुलिस के हनुमंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन की शिकायत पर इस पूरे गिरोह की जानकारी मिली थी। जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से पुलिस ने कालाबाजारी कर रहे मोहम्मद अबीर और मोहित पाटीदार से संपर्क किया। जिन्होंने 2800 रूपए की कीमत के रेमडेसिविर इंजेक्शन को 35000 रूपए में बेचने की बात कही। जिसके बाद स्पेशल पुलिस की टीम ने दोनों से 35000 रूपए में सौदा तय किया और आरोपी को मिलने बुलाया। जहां रेमदडेसिविर इंजेक्शन जब्त कर पुलिस ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरफ्तार हुए आरोपी डॉक्टर मोहम्मद अबीर उदयपुर के गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट है। जो मूल रूप से उदयपुर सवीना थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं मोहित पाटीदार गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र है। जो मूल रूप से डूंगरपुर के चिखली का रहने वाला है। ऐसे में पुलिस डॉक्टर अबीर और मोहित की कॉल डिटेल के आधार पर अन्य चिकित्सक और मेडिकल स्टूडेंट से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।
उदयपुर पुलिस के एडिशनल एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। जिसकी अगुवाई स्पेशल पुलिस के हनुमान सिंह कर रहे थे। इस कार्रवाई में स्पेशल पुलिस टीम के इतवारी लाल, सुखदेव सिंह, अनिल पूनिया, उपेंद्र सिंह, तपेंद्र भादू, मोहन सिंह, रविंद्र बुडावर, रामनिवास, फिरोज खान शामिल थे।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)