हाल ही में द लेसन चाइल्ड एंड एडोलिसेंट हेल्थ लंदन में 4 अगस्त की खबर के अनुसार कोविड-19 से इफेक्टेड बच्चे छह-सात दिन में रिकवर हो रहे हैं 22 में से 2 बच्चे के 4 हफ्ते से अधिक समय तक लक्षण दिखते हैं । 8 हफ्ते मेंबच्चे पूर्ण स्वस्थ हो जाते हैं। इस स्टडी को ढंग से समझने के लिए भारत में इसका इफेक्ट जानने के लिए हमने जयपुर के डॉक्टर संजय चौधरी मुंबई के डॉक्टर फजल नवी तथा अहमदाबाद की डॉक्टर वशी राणा से जानकारी ली गई जानते हैं । विशेषज्ञ इस स्टडी के बारे में क्या कह रहे हैं?
स्टडी का परिणाम
1740 बच्चों के कोरोनावायरस पुणे और पूरी तरह से ठीक होने का समय पता किया आप 5 से 11 साल के बच्चों को कोरोनावायरस होने में 5 दिन लगे 12 से 17 साल के बच्चों को ठीक होने में 7 दिन लगे बहुत कम ऐसे बच्चे थे जिनमें कोरोना के लक्षण 4 हफ्तों तक तक देखें।
विशेषज्ञों का दावा है कि बच्चों में कोरोना के गंभीर लक्षण बहुत कम है कई बच्चे एसिंप्टोमेटिक रहे तो वहीं अधिकतर में बहुत कम लक्षण दिखाई दिए हैं बच्चों में सिर दर्द गले में खराश थकान गंध की पहचान ना कर पाना शामिल है।बच्चों में न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी बहुत कम बच्चों में पाए गए हैं बड़ों की तुलना में बच्चों में दौरे बेचैनी के लक्षण नहीं है।
नतीजों का भारत में विश्लेषण
फोर्टिस अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ चौधरी कहते हैं कि आईसीएमआर का दिसंबर जनवरी का डाटा कहता है कि बच्चे भी बड़ों के बराबर इनफैक्ट हुए पर बड़ों की तुलना में उन पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा पर बहुत कम बच्चों को हॉस्पिटल का आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत पड़ी। नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की पीडियाट्रिशियन डॉक्टर राणा कहती हैं कि दूसरी लहरा बच्चे एसिंप्टोमेटिक या मामूली लक्षणों से इनफेक्ट हुए हैं यह लक्षण भी 6 से 10 दिन से ज्यादा नहीं रहे।
जसलोक हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ नबी कहते हैं कि बच्चों में पोस्ट को भी लक्षण देखे हैं लेकिन उनकी वजह से किसी की मौत नहीं हुई है माइल्ड केसेस में 2 से 4 दिन में बच्चे पूरी तरह रिकवर हो गए हैं।
क्या स्कूल खोले जाने चाहिए?
दुनिया भर में जो अनुभव सामने आए हैं उससे लगता है कि बच्चों को स्कूल भेजा जाना चाहिए कई देशों में स्कूल खुल रहे हैं लेकिन स्कूल खोलने का फैसला राज्यों की स्थिति पर लिया जाना चाहिए हालांकि भारत में भी कुछ राज्यों पंजाब तेलंगाना उत्तर प्रदेश में स्कूल खोल दिए गए हैं जनवरी में 30 देशों के 120 केंद्रों के मेटा एनालिसिस स्टडी के आधार पर बच्चों के इंफेक्शन को लेकर पॉजिटिव नतीजे आए हैं डॉक्टर नबी कहते हैं कि पहली लहर से लेकर अब तक के नतीजों के आधार पर उसकी खोल देने चाहिए।
इसके लिए बच्चों परिवार के सभी सदस्यों का वैक्सीनेट करना जरूरी है इसके साथ मास्क हैंड वॉशिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा) www.Marmikdhara.in.(Hindi)
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