कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे एक और किसान की मंगलवार सुबह हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई। घटना हरियाणा दिल्ली के बीच सिंधु बॉर्डर की है। मृतक का नाम हरिंदर था। वह पानीपत जिले के सेवा गांव का रहने वाला था। इससे पहले रविवार को टिकरी बॉर्डर पर एक किसान ने खुदकुशी कर ली थी। उनकी उम्र 52 साल थी।
बता दें कि कुरुक्षेत्र की अनाज मंडी में होने वाली महापंचायत से पहले एक विवाद खड़ा हो गया है। यहां किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूंनी को न्योता नहीं दिया गया था। जबकि कुरुक्षेत्र चढ़ूं नी का गृह जिला है। चढ़ूंनी ने कहा कि उन्हें महापंचायत की जानकारी नहीं दी गई थी। और इसके बाद उन्होंने दूसरी जगह के कार्यक्रम तय कर लिए थे। ऐसे में वह अब महापंचायत में नहीं जाएंगे। हालांकि महापंचायत के जसतेज संधू ने कहा कि चढ़ूंनी को न्योता दिया गया था। और उन्होंने वक्त निकालकर महापंचायत में आने की बात कही है।
एक बार फिर किसान बातचीत को तैयार-
राज्यसभा में मोदी की स्पीच के कुछ घंटे बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य शिवकुमार कक्का ने कहा था कि वे अगले दौर की बातचीत के लिए तैयार हैं। सरकार उन्हें मीटिंग का दिन और समय बता दें। हालांकि कक्का ने कहा था कि लोकतंत्र में आंदोलन की अहम भूमिका होती है। लोगों को सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का अधिकार है।
साथ ही मोदी के बयान पर राकेश टिकैत ने कहा था “प्रधानमंत्री ने कहा कि MSP है, था और रहेगा। लेकिन यह नहीं बोले कि MSP पर कानून बनाया जाएगा। देश भरोसे से नहीं चलता। यह संविधान और कानून से चलता है।”
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)