जयपुर में 2 दिन पहले एक पुस्तक प्रकाशन वाली फर्म के ऑफिस में समुदाय विशेष की तरफ से की गई तोड़फोड़ को भाजपा विधायकों ने आतंकी जैसी घटना बताया है। भाजपा विधायक अशोक लाहोटी और वासुदेव देवनानी ने इस्लामिक आतंकवाद पर चर्चा के लिए राजस्थान विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव भी लगाया, जिसे स्पिनर ने खारिज कर दिया। देवनानी ने कहा कि “जिस तरह यहां कुछ लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं वे लोग जयपुर को हैदराबाद बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।”
विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए वासुदेव देवनानी ने कहा कि “राजनीतिक विज्ञान की किताब में जो प्रश्न पूछा गया वह माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की है। उन्होंने कहा कि आज मैं यह मानता हूं कि हर मुसलमान आतंकवादी नहीं है। लेकिन देश या दुनिया में जितने आतंकवादी पकड़े जाते हैं उनमें ज्यादातर मुसलमान हैं। मैंने कहा कि किताब प्रकाशक ने जिस तरह अपनी तमाम किताबों को बाजार से वापस ले लिया, लिखित में माफीनामा मांगा उसके बाद भी इस तरह तोड़फोड़ करना तथा जयपुर को हैदराबाद बनाने की कोशिश कर रहे हैं, हम जयपुर को हैदराबाद नहीं बनने देंगे।”
वही विधायक अशोक लाहोटी ने बताया कि जिस तरह संगठित गिरोह ने पुस्तक प्रकाशन के ऑफिस में संगठित आतंकवादी के तौर पर घटना को अंजाम दिया, यह गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि खुद राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की राजनीति विज्ञान की किताब के पेज नंबर वन 149 व 157 में इस्लामिक आतंकवाद पर प्रश्न पूछा गया है। आज पूरा विश्व मान रहा है कि इस्लामिक आतंकवाद बढ़ रहा है। श्रीलंका ने बुर्के पर भी बैन कर दिया है। फिर हमारे यहां इस्लामिक आतंकवाद पर चर्चा करने से डर क्यों? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस देश में आतंकवाद को कोई संरक्षण दिया जा रहा है जिसके कारण इस पर चर्चा नहीं होती?
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)