आगामी 8 अगस्त रविवार को हरियाली अमावस्या का पावन दिन रहा है। इस बार कुछ विशेष संयोग इस अमावस्या को बहुत खास बना रहे हैं। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ गणेश मिश्र के अनुसार इस बार हरियाली अमावस्या पर रवि पुष्य सर्वार्थसिद्धि और श्रीवत्स नामक शुभ योग बन रहे हैं। चंद्रमा और शनि अपनी राशि में रहेंगे साथ ही सूर्य और बुध की युति बुधादित्य योग बनाएंगे।
सावन की अमावस्या पर भगवान भोलेनाथ के साथ पित्र पूजा करने से पित्र दोष दूर होते हैं। जाने अनजाने में जो गलती हो गई हो उसके लिए पितरों से क्षमा याचना का दिन है। सूर्य देव को जल अर्पण करके तुलसी की 108 परिक्रमा करनी चाहिए।रवि पुष्य के सहयोग से स्नान दान अन्न दान ब्राह्मण भोजन वस्त्र दान पुण्य पित्र तर्पण फलदाई माना जाता है।
क्या विशेष करें अमावस्या पर
पितृ तर्पण- दक्षिण दिशा में मुख करके पर आप तथा कांसे के पात्र द्वारा कांसे के पात्र में तेल पुष्प अक्षत रोली डालकर जल द्वारा तर्पण करें। जल नीचे परात में जाए जमीन पर नहीं बाद में इस जल को तुलसी जी में डाल दें। गायों को हरा चारा पक्षियों को दाना चीटियों को खाना डालें तथा प्रत्येक अमावस्या पर लक्ष्मी जी की पूजा विष्णु भगवान के साथ करें।
घर को सुबह पानी से धोकर रात्रि में घर के मुख्य दरवाजे पर एक दीपक भी जलाएं। जिससे घर में हमेशा बरकत बनी रहे। सर्वार्थ सिद्धि योग तथा पुष्य नक्षत्र में जो भी कार्य किया जाता है। वह शुभता तथा स्थिरता को बढ़ाता है। तेल का दान पितरों के निमित्त जरूर करें।
हरियाली अमावस्या किसानों का त्योहार है। इस दिन किसान हल बैल फावड़ा कुदाली आदि खेती के काम आने वाले औजारों की पूजा करते हैं। इस दिन पेड़ पौधे भी लगाएं।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)