नई दिल्ली, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75 में स्वतंत्र दिवस की वर्षगांठ पर लाल किले की प्राचीर से अपने देश की बेटियों को सैनिक स्कूलों में एडमिशन देने का अनमोल तोहफा दिया। अब तक केवल लड़के ही सैनिक स्कूलों में एडमिशन ले पाते थे। उन्होंने इस बात की घोषणा करते हुए कहा। कि मेरे पास रोज हजारों संदेश मिलते हैं। कि हमारे देश की मातृ शक्तियां भी सैनिक स्कूलों में एडमिशन लेना चाहती हैं। तथा अपने देश के लिए कुछ करना चाहती हैं। 2 साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में लड़कियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। जो काफी सफल भी रहा। अब देश के सभी सैनिक स्कूलों में लड़कियों को एडमिशन मिल सकेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की 21वीं सदी की आवश्यकता:-
भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है। 21वीं सदी भारत की होगी। इस सदी में जहां सब और परिवर्तन हो रहा है। वहां शिक्षा को कैसे अछूता छोड़ा जा सकता है। मोदी जी ने कहा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषा में प्राथमिक स्तर की पढ़ाई पर जोर दिया गया है। जिससे एक गरीब बच्चा भी अपनी मातृभाषा में अपनी शुरुआती पढ़ाई कर सकें। क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 गरीबी के खिलाफ लड़ने का एकमात्र कारण है। आजादी के बाद से आज तक जो अंग्रेजों द्वारा थोपी गई शिक्षा नीति थी। वह केवल नौकर और गरीबी पैदा करने वाली शिक्षा नीति थी। जिसका उद्देश्य केवल भारतीय नागरिक को गर्त में ले जाना था। आंग्लभाषी नई पीढ़ी को उत्पन्न करना था। जिसमें वह काफी हद तक सफल भी रहे।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)