नागौर, सीआईएसएफ में एडिशनल सब इंस्पेक्टर नागौर के मांगीलाल ने रविवार को अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एएसआई उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में घाटमपुर के नेयवेली पावर प्लांट की सुरक्षा में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान ही उन्होंने आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर कानपुर की पुलिस फोर्स और फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच करने पहुंची।
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही कानपुर पहुंचे परिजनों ने सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट पर एएसआई मांगीलाल को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने पूरा खुलासा नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है।
सर्विस पिस्टल से माथे पर मारी गोली-
नागौर के ईग्यासनी गांव निवासी मांगीलाल पुत्र शंकर लाल बिश्नोई सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स में एएसआई के पद पर कार्यरत थे। पिछले डेढ़ साल से उनकी तैनाती घाटमपुर नेयवेली पावर प्लांट में थी। रोज की तरह रविवार को भी पावर प्लांट की सुरक्षा में कैंपस में ही तैनात थे।
बताया गया कि इस दौरान उन्होंने शस्त्रागार के बाहर खड़े होकर अपनी सर्विस पिस्टल से माथे पर गोली मार ली। फायर की आवाज सुनते ही स्टाफ के लोग दौड़े, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। एएसआई मांगीलाल का 23 साल का लड़का और 25 साल की बेटी है।
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वही कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। नागौर के रहने वाले उनके बेटे, चचेरे भाई, जमाई और एक जीजा सहित चार लोग कानपुर पहुंच चुके हैं। कानपुर पहुंचते ही चचेरे भाई पुनाराम विश्नोई ने सीएएसएफ के डिप्टी कमांडेंट पर एसआई मांगीलाल को परेशान करने के आरोप लगाए।
पुनाराम का कहना है कि उनकी लगातार अपने भाई से फोन पर बात होती रहती थी। वह आत्महत्या नहीं कर सकता था। वह रोजाना कहता था कि डिप्टी कमांडेंट पंकज यादव उसे परेशान कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। वह परेशान होकर यहां से अपना ट्रांसफर भी करवाना चाह रहा था लेकिन डिप्टी कमांडेंट पंकज यादव ट्रांसफर नहीं होने दे रहा था। उनका कहना है कि जब तक इस घटना का पूरा खुलासा नहीं होगा वह शव नहीं लेंगे।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)