जयपुर दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर अलवर के बहरोड़ के पास रविवार रात को एक बेकाबू डंपर ने 3 कारों को टक्कर मार दी। एक कार तो डिवाइडर के ऊपर से होते हुए सर्विस लाइन पर दूसरी ओर जाकर कई बार पलटी खाते हुए उल्टी गिरी। दूसरी कार डिवाइडर और बंपर के बीच में फस गई। वहीं तीसरी कार को भी टक्कर लगी। हादसे में करीब 10 से 12 लोग घायल हो गए। जिसमें ज्यादातर की जान मुश्किल से बची है। दो कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। लोग कार के अंदर ही फस गए थे। बड़ी मशक्कत कर कारों से लोगों को बाहर निकाला जा सका।
फ्लाईओवर के पास हुआ यह बड़ा हादसा-
यह हादसा फ्लाई ओवर पर चढ़ने से पहले हुआ। सभी वाहन जयपुर से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के वाहन शामिल है। दुर्घटना इतनी खतरनाक थी कि एक कार हाईवे पर लगे हुए रेलिंग को तोड़ते हुए पलट गई। दो वाहनों के परखच्चे उड़ गए। कारों को पीछे से टक्कर मारते हुए अनियंत्रित होकर डंपर आगे बढ़ता गया। छोटे वाहन पलटी खाते रहे। डंपर एक के बाद एक वाहनों को टक्कर मारता रहा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए आए।
मुंडावर के जाट भगोला गांव निवासी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि वह पत्नी अनीता देवी, बेटे पीयूष और बेटी आयुषी के साथ हरियाणा के नांगल चौधरी में एक कार्यक्रम से वापस गांव लौट रहे थे। डंपर ने सीधे कार को टक्कर मार दी। जिसमें बेटे और बेटी को गंभीर चोटें आई है। दिल्ली निवासी सहजप्रीत सिंह ने बताया कि वह अपने साथी राजन, सिद्धार्थ, चक्षु और मनस्वी के साथ जयपुर घूमने के बाद कार से दिल्ली लौट रहे थे। टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए।
आसपास के लोगों ने की काफी मदद-
चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। कारों के शीशे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने तीन चार क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया। तब तक लंबा जाम लग चुका था। हादसे में गनीमत रही कि जनहानि होने से बच गई।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)