नई दिल्ली: भारतीय संविधानिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण ईंट, पत्थर और सुरंग, पार्लियामेंट हाउस, जो देश की लोकतंत्रिक प्रक्रियाओं के निर्माण और संचालन का केंद्रीय स्थान है, एक नई उपलब्धि के रूप में तैयार है। इस उपलब्धि की प्राप्ति को यात्रा की एक मील पर मान्यता दी जा रही है और उद्घाटन के अवसर पर इसके अधिकारियों ने 28 मई को एक शानदार समारोह की घोषणा की है।
नए पार्लियामेंट हाउस का उद्घाटन, प्रधानमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं के साथ राष्ट्रपति के उपस्थिति में होगा। यह एक गर्व का क्षण होगा, जब देश के नए संविधानिक भवन की आधिकारिक शुरुआत होगी और देश के नेताओं को यहां अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का अवसर मिलेगा।
नई इमारत की विशेषताएं और तस्वीरें आम जनता के लिए भी उपलब्ध होंगी, जिससे वे देश की नई संविधानिक इतिहास की एक दृष्टि प्राप्त कर सकेंगे। नए पार्लियामेंट हाउस का निर्माण एक बड़ी इमारतियों के परियोजना है, जिसमें आधुनिकता के साथ-साथ देश की विरासत और भारतीय शैली को भी मध्यस्थ किया गया है। यह सुंदर और आकर्षक इमारत देश के नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणा स्थल होगी।
नए पार्लियामेंट हाउस की उद्घाटन समारोह में सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा, और उच्चस्तरीय नियमों का पालन किया जाएगा। समारोह में स्थानीय और विदेशी नेताओं, विशेषज्ञों, मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की उपस्थिति की जानी है। इस अवसर पर भारतीय संविधानिक प्रणाली की महत्वपूर्णता और महानता का भी संकेत मिलेगा।
यह नया पार्लियामेंट हाउस भारतीय लोकतंत्र के आधारभूत स्तंभ के रूप में देश के इतिहास में चमकदार पन्ना बनेगा। इसमें सभी नवीनतम सुविधाओं, तकनीकी उन्नति और विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया है। पार्लियामेंट हाउस के नये चेंबर, कमिटी रूम और सभा हॉल इत्यादि में नवीनतम सुरंग और टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है।
इस नये पार्लियामेंट हाउस के निर्माण से, देश की संविधानिक प्रणाली को एक नई पहचान और आधुनिकता मिलेगी। इससे संविधानिक निर्णय लेने वाले नेताओं को एक उच्च स्तर पर काम करने का मौका मिलेगा और वे देश के विकास और प्रगति के लिए नए और सर्वोत्तम योजनाओं पर विचार कर सकेंगे।
पार्लियामेंट हाउस का नया समारोह 28 मई को होगा और यह एक गर्व का क्षण होगा, जब देश की संविधानिक प्रणाली का नया भव्य अध्याय शुरू होगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है देश के निर्माण में और एक बड़ी उपलब्धि है