दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान के घर पर सरसों का साग और मक्की की रोटी खाई। वह 2 घंटे तक भगवंत मान के घर पर रूके और राजनीतिक की तमाम बातों के साथ-साथ भगवंत मान की मां, बहन और जीजा के साथ बातचीत की। अरविंद केजरीवाल ने बातचीत करते हुए कहा कि खाना बेहद स्वादिष्ट था। आप भी खा कर जाना। इसके बाद वह मानसा के किसानों को मिलने के लिए रवाना हो गए। वह गुरुवार को पंजाब के दो दिवसीय दौरे पर पंजाब पहुंचे हैं। उन्होंने दिल्ली से संगरूर तक का सफर ट्रेन से किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन में और स्टेशन पर लोगों से बातचीत भी की। इसके बाद वह मानसा के किसानों से मिलने के लिए रवाना हो गए। यहां पिंक सुंडी के कारण कपास की फसल का बड़ा नुकसान हुआ है। इसके बाद 29 अक्टूबर को वह बठिंडा में व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। वह ट्रेन के माध्यम से बठिंडा पहुंच सकते हैं। इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण ऐलान भी कर सकते हैं।
हादसे में मारी गई महिलाओं के घर जा सकते हैं अरविंद केजरीवाल-
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में चल रहे संघर्ष में हिस्सा लेकर गांव लौट रही मानसा की 3 महिलाओं की सड़क हादसे में मौत हो गई। उम्मीद की जा रही है कि अरविंद केजरीवाल अपने मानसा दौरे के दौरान उन महिलाओं के घर भी जा सकते हैं।
रूठे भगवंत मान के घर जाएंगे केजरीवाल-
सांसद भगवतं सिंह मान पार्टी के कार्यक्रमों से लगातार दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि वह गुरुवार को अरविंद केजरीवाल का स्वागत करने संगरूर रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन यह बात किसी से छिपी नहीं है कि मान मुख्यमंत्री कैंडिडेट के तौर पर अपना नाम न एलाने जाने से नाराज हैं। भगवंत मान को मनाने के लिए केजरीवाल उनके घर जा रहे हैं। वह लुधियाना दौरे के दौरान भी भगवंत मान को अपना भाई बता चुके हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी ने मान को सीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग लगातार उठ रही है। विधायक रूपिंदर रूबी ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर सामने लाने की मांग की थी, जबकि विरोधी आरोप लगा रहे हैं कि केजरीवाल खुद पंजाब के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।
कपास पीड़ित किसानों से मुलाकात कर सरकार पर साधेंगे निशाना-
बठिंडा और मानसा का पिंक सुंडी के कारण काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चुन्नी और उपमुख्यमंत्री सुखविंदर रंधावा की तरफ से यहां का दौरा भी किया गया था, मगर अभी तक मुआवजा नहीं दिया जा सका। बुधवार को बठिंडा के महिलाओं की तरफ से मुआवजा नहीं मिलने के कारण मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पोस्टर फाड़ दिए और कालिख भी पोती। अरविंद केजरीवाल इसी मुद्दे को भुनाने का कोई प्रयास नहीं छोड़ेंगे।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)