जल जीवन मिशन घोटाला मामले में ईडी फिर से एक्टिव होते दिखी |ईडी की टीम ने जलदाय विभाग के पूर्व मंत्री महेश जोशी तथा अन्य अधिकारियो के ऑफिस व घर छापेमारी की गई | राजस्थान में 6 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई।ईडी की टीमें सुबह करीब 8 बजे सीनियर आईएएस सुबोध अग्रवाल के ऑफिस में पहुँचीं । इसके बाद सर्च शुरू किया |इनके अलावा विभाग से जुड़े चीफ इंजीनियर केडी गुप्ता, इंजीनियर दिनेश गोयल, एक्सईएन संजय अग्रवाल के ऑफिस सहित अन्य ठिकानों पर भी फिलहाल टीम सर्च कर रही है। ईडी के द्वारा 2 महीने पहले भी रेड की गई थी | रेड के दौरान ढाई करोड़ रुपए कैश और सोने की ईंट मिली थीं |
आइए समझते है क्या है जल जीवन मिशन घोटाला?
ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सभी ग्रामीण इलाकों में पेयजल की व्यवस्था होनी थी। जिस का खर्चा राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को 50-50 प्रतिशत करना था। इस परियोजना में हुए घोटाला ही जल जीवन मिशन घोटाला है |
जल जीवन मिशन घोटाले को अलग-अलग बिन्दुओ में समझते है |
- इस योजना के तहत डीआई डक्टर आयरन पाइपलाइन डाली जानी थी। इस की जगह पर एचडीपीई की पाइपलाइन डाली गई। इसकी जानकारी अधिकारियो को थी | फिर भी पाइपलाइन में घोटाला किया गया |
- ठेकेदारों ने फर्जी कंपनीयो के सर्टिफिकेट लगाए एवं टेंडर ले लिया | अधिकारयो को इसका पता होते हुए भी टेंडर दिया गया |क्योकि ठेकेदार राजनेताओ से जुड़े हुए थे |
- ठेकेदारों के द्वारा चोरी के पाइप हरियाणा से लाकर उन्हें नया बता लगाया गया और करोडो रूपये सरकार से ले लिए गए |
- ठेकेदारों और अधिकारियो की मिलीभगत से कई जगह पर पुरानी पाइपलाइन को नया बता कर सरकार से इसके करोडो रूपये ले लिए गए |
- आज भी कई किलोमीटर तक पाइप लाइन डाली ही नहीं गई है, लेकिन ठेकेदारों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से मिल कर उसका पैसा उठा लिया।