कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खड़गे के घर पर सुलह बैठक के दो दिन बाद अब सचिन पायलट ने साफ कर दिया है कि 15 मई को रखी गई तीन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा। पायलट ने सरकार को फिर अल्टीमेटम याद दिलाया है। टोंक के ग्रामीण क्षेत्रो के दोरे के दौरान उन्होंने कहा तीनो मुद्दों पर समझोता नहीं होगा |
पायलेट ने बात करते हुए कहा की 2 दिन पहले मेने 3 मुद्दे दिल्ली में हाईकमान के सामने रख दिया है | मैंने जो मुद्दे उठाए थे, खासकर करप्शन के उस पर कार्रवाई हो। भाजपा के शासन में लूट मची थी। उसके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी । नौजवानों को इंसाफ दिलाने की बात थी। उस पर समझौता करना संभव नहीं है। मैं उम्मीद करता हूं, मैंने 15 मई को जो कहा था कि सरकार इस पर जल्द कार्रवाई करें। यह सब जानते हैं। मैं इंतजार कर रहा हूं। इन मुद्दों पर कार्रवाई करने का दायित्व, राज्य सरकार का है।
15 मई को सभा में रखे गए मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई हो
पायलट ने कहा- अभी दो दिन पहले मेरी बात दिल्ली में हुई थी। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, अध्यक्ष से जो मैंने मांगें रखी थी, उसका पूरा संज्ञान पार्टी को भी है। दिल्ली में परसों मैंने बात की है। मैंने 15 तारीख को एक सभा को संबोधित किया था। भाजपा के शासन में वसुंधरा राजे के कार्यकाल में जो-जो करप्शन के मामले उठे थे, वे खुद अशोक गहलोत ने और मैंने उठाए थे। तमाम कांग्रेस नेताओं ने कई बार इन बातों को पब्लिक डोमेन में रखा था। उन पर प्रभावी जांच होनी चाहिए
सुलह के दावे दो दिन बाद ही ध्वस्त, पायलट ने आंदोलन का रास्ता खुला रखा
सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच हाईकमान की मौजूदगी में सुलह बैठक के दावे दो दिन में ही ध्वस्त हो गए हैं। पायलट ने साफ कर दिया है कि वे तीन मांगों से समझौता नहीं करेंगे। तीनों मुद्दों पर गहलोत सरकार को कार्रवाई करनी है, लेकिन मुख्यमंत्री इन्हें नहीं मानने के साफ संकेत दे चुके हैं।