राजस्थान सरकार के द्वारा 1 सितंबर से निजी स्कूल खोलने के आदेश जारी हो गए हैं। जहां एक और इस खबर से निजी स्कूल संचालक खुश है। वहीं दूसरी ओर अभिभावक इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। अभिभावक एकता संघ के संयोजक मनीष विजयवर्गीय ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा। कि सरकार ने निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने के लिए स्कूल खोलने का फैसला लिया है। जिस का हम पुरजोर विरोध करते हैं। सरकार को पहले शत प्रतिशत वैक्सीनेशन पूरा करना चाहिए।
सरकार का बच्चों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया:-
पेरेंट्स वेलफेयर सोसाइटी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने पहले भी स्कूल खोलने के प्रयास किए थे उसमें काफी शिक्षकों की कोरोनावायरस में आने से मौत हो गई थी फिर सरकार को आनन-फानन में स्कूल बंद करने पड़े सरकार को छोटे बच्चों की जान की बिल्कुल परवाह नहीं है अभी महामारी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है और यह भी आरोप लगाया कि राजस्थान में फर्जी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। सरकार की स्कूलों में वैक्सीनेशन जांच के आदेश सिर्फ खानापूर्ति बन गए हैं।
फीस का दबाव:-
वही ग्रहणी प्रिया सिंह ने बताया कि पिछले दिनों स्कूल खोलने के आदेश के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा भारी भरकम फीस वसूली गई थी। फिर कुछ दिनों बाद स्कूल बंद हो गए। उसके बाद ना ही स्कूल प्रबंधन ने ना ही ट्रांसपोर्ट वाले ने पैसे लौटाए। संघ ने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है।
विकास शर्मा (मार्मिक धारा)