जयपुर नगर निगम हेरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर के आज हेरिटेज मुख्यालय में हुए औचक निरीक्षण से कर्मचारियों- अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मेयर मुख्यालय में आते ही कुछ अधिकारियों के चेंबर पर पहुंची। वहां सुबह 10 बजे तक ताले लटके मिले। अधिकारियों- कर्मचारियों की उपस्थिति देखी तो मेयर भड़क गई। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से अटेंडेंस रजिस्टर मंगवाए और देखे, तो 40% कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इस पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि जो कर्मचारी- अधिकारी समय पर नहीं आ सकते, उनकी यहां कोई जरूरत नहीं है।
मेयर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुबह 9 बजे तक हर हाल में कर्मचारियों अधिकारियों को ऑफिस आना पड़ेगा। मेयर के इस फरमान से अब कर्मिक भी कंफ्यूज हो रहे हैं। दफ्तर की टाइमिंग सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक की है। ऐसे में कर्मचारियों में यह चर्चा हो रही है कि क्या मेयर को यह तक नहीं पता कि दफ्तर की टाइमिंग क्या है?
कई दिनों से मिल रही थी शिकायत-
दरअसल, कई दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि निगम हेरिटेज मुख्यालय में कर्मचारी- अधिकारी समय पर नहीं आ रहे हैं। यही स्थिति आज भी मेयर को देखने को मिली। सुबह करीब 10 बजे जब मेयर निगम मुख्यालय पहुंची, तो वहां 40 फ़ीसदी कर्मचारी अधिकारी गैरहाजिर मिले। उन्होंने हेल्पलाइन सेंटर और अन्य अधिकारियों के चेंबर में जाकर देखा तो ना तो अधिकारी मिले और ना ही उनका सपोर्ट स्टाफ। इसे देखकर मेयर मुनेश गुर्जर भड़क गई और अपने चेंबर में पहुंचकर सभी शाखाओं के कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर मंगवाए और उनको चेक किया। इस पर 40 फ़ीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं दिखी।
मेयर ने कहा इस तरह काम नहीं चलेगा ऐसी स्थिति रही तो मैं इसे नहीं चलने दूंगी-
मेयर ने कर्मचारियों की गैर उपस्थिति को देखकर कुछ अधिकारियों को बुलाया और फटकार लगाई। कहा कि इस तरह से काम नहीं चलेगा, अगर यही रवैया रहा तो इसे मैं आगे नहीं चलने दूंगी। उन्होंने कहा कि आपके इस रवैया के कारण हेरिटेज की इतनी बुरी दशा हो रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में अधिकारियों कर्मचारियों को कहां कि सुबह 9 बजे तक कार्यालय आना पड़ेगा और काम शुरू करना पड़ेगा। लोग सुबह अपने जरूरत के काम से यहां आ तो जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति में निराश होकर लौटना पड़ता है।
कर्मचारियों में चर्चा क्या मेहर को टाइमिंग का पता है या नहीं?-
मेयर के 9 बजे आने के फरमान के बाद निगम कर्मचारियों में भी चर्चा शुरू हो रही है कि क्या मेयर को सरकारी दफ्तर की टाइमिंग का पता नहीं है। दफ्तर खुलने की टाइमिंग सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक की है। ऐसे में कर्मचारी 9 बजे क्यों आएगा।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)