जयपुर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ सरकार बना ले वाले विधायकों में विधायक भंवरलाल शर्मा ने अशोक गहलोत के साथ होना बताया। पिछले साल सचिन पायलट खेमे के साथ मानेसर बाड़ेबंदी में सरदार शहर के कांग्रेसी विधायक भंवर लाल शर्मा ने अशोक गहलोत में अपनी निष्ठा जताई। सचिन पायलट के खेमे से एक-एक करके सारे विधायक अशोक गहलोत की तरफ जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। भरतपुर विधायक विश्वेंद्र सिंह के बाद सरदार शहर के विधायक भंवर लाल शर्मा ने भी गहलोत गुट में शामिल हो गए हैं।
भंवर लाल शर्मा ने आज अचानक अपना पाला बदल लिया।
कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा ने सचिन पायलट खेमे से गहलोत के खेमे में प्रवेश कर लिया है। इस प्रकार अशोक गहलोत की एक और राजनीतिक जीत हुई। भंवर लाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अशोक गहलोत को कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री बनाया है। सचिन पायलट को भी उन्हें नेता मानना ही पड़ेगा। अशोक गहलोत मेरे नेता हैं और हमेशा रहेंगे। सचिन पायलट भी मेरे नेता हैं सचिन पायलट भी लेकिन अशोक गहलोत उनसे ऊपर है।
पिछले साल सचिन पायलट के साथ जाने का कारण बताया।
भंवर लाल शर्मा ने कहा,”मेरे काम नहीं हो रहे थे इसलिए पिछले साल सचिन पायलट के साथ मानेसर गया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री ने मेरी सारी मांगे पूरी कर दी हैं। मेरे क्षेत्र की सभी मांगों को मुख्यमंत्री ने इस बजट में पूरा कर दिया है। प्रदेश प्रभारी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। केवल बयान देना और जमीन पर होना अलग बात है। समय आने पर सब होगा। मेरा आशीर्वाद पार्टी के साथ है। इस बुढ़ापे में ऐसा फैसला नहीं करूंगा जिसका पार्टी को नुकसान हो। मंत्री पद के लिए केवल 9 जगह हैं और दावेदार बहुत अधिक हैं। सबको मंत्री नहीं बनाया जा सकता है।
भंवर लाल शर्मा ने कहा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट को बैठकर मामले को शांत करना चाहिए।
भंवर लाल शर्मा से पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल कि पायलट खेमे की मांगों पर बनी सुलह कमेटी का अब तक कुछ फैसला नहीं करने के सवाल पर भंवर लाल शर्मा ने कहा ,”मैं अपने 50 साल के अंदर से बता रहा हूं कि किसी मामले को शांत करने के लिए कमेटी बना दी जाती है। कमेटियों का क्या हश्र होता है? यह सब आप लोगों को मालूम है। लंबे अरसे तक न्याय नहीं होता है और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। सुलह कमेटी के मेंबर का स्वर्गवास हो चुका है। अब इस कमेटी को मुख्यमंत्री और सचिन पायलट को बैठकर मामले में फैसला करना चाहिए।
बीजेपी पर प्रहार करते हुए भंवरलाल शर्मा ने कहा ।
भंवर लाल शर्मा ने कहा कि सचिन पायलट बीजेपी में नहीं जाएंगे। पार्टी में जितना असंतोष है नहीं, उससे ज्यादा का माहौल बनाया जा रहा है। पायलट ने खुद आज तक कुछ नहीं बोला, उनके साथ के विधायक बोल रहे हैं। अब साथ वालों पर किसी का वश नहीं होता है। साथ वालों पर भरोसा भी नहीं किया जा सकता। आज पता नहीं सुबह आपके साथ हूं शाम को आपके साथ हूं। फोन टैपिंग के आरोपों पर कहा कि किसी का फोन टैप नहीं हो रहा है। अगर किसी विधायक को ऐसा लगता है तो वह सामने आकर बताएं।
भंवर लाल शर्मा ने कहा पार्टी में जो वरिष्ठ नेता है उनको हक मिलना चाहिए।
आगे कहते हुए भंवर लाल शर्मा ने कहा कि मैंने भी कभी सरकार गिराने की कोशिश की थी, लेकिन अशोक गहलोत ने उस वक्त मेरा साथ नहीं दिया। वरना मैं भी सीएम होता। उस बात का दुख मुझे आज भी है। मेरा कहना है पार्टी में जो वरिष्ठ नेता हैं उन्हें उनका हक मिलना चाहिए । शर्मा ने खुद मंत्री बनने से इनकार करते हुए कहा अब मुझे मंत्री बनने का कोई शौक नहीं है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)