जिले के रावतभाटा क्षेत्र में कोरोना के लगातार आ रहे मामलों को लेकर एसडीएम रामसुख गुर्जर ने लोगों से क्षेत्र को 9 दिन तक पूरी तरह बंद रखने की अपील की है। इस दौरान क्षेत्र वासियों को ना दूध सब्जी और ना ही किराने का सामान मिलेगा। यहां 9 दिन में कोरोनावायरस संक्रमण के फैलाव से 34 लोगों की मौत हो गई है। इनमें से 2 मौत ऑन रिकॉर्ड है। जबकि बाकी मौत संदिग्ध है। और केस भी 763 हो चुके हैं। जिसके चलते प्रशासन और नगर पालिका ने सब कुछ बंद रखने का फैसला लिया है।
एसडीएम रामसुख गुर्जर के नेतृत्व में सोमवार को हुई बैठक, जिसमें कोरोनावायरस की महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए नगर वासियों को लॉकडाउन अवधि में घरों में ही रहने की अपील की। उन्होंने पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में सख्ती बरतने को कहा, और कहा कि हौसला और घोंसला कोरोनावायरस की दो ही दवाई है।
एसडीएम रामस्वरूप गुर्जर ने बताया कि कोरोना तांडव मचा रहा है। 10 से 12 दिन का राशन सभी घरों में होता है। 1 दिन सब्जी नहीं खाएंगे, तो चावल खा लेना। उन्होंने पार्षदों को कहा कि ऑक्सीजन कैसे चल रही है, लोग कैसे सांस ले रहे हैं, उनको देखने से भी आप लोगों की सांस फूल जाएगी। आप लोग तो यहां के निवासी हो, हम तो केवल ड्यूटी के लिए आए हैं। और अपना 100% देकर चले जाएंगे। लेकिन अगर जनसहयोग नहीं मिले ना तो कैसे लड़ेंगे?
केवल पुलिस और प्रशासन का दायित्व नहीं है। हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह गलियों में घूमने वाले लोगों को टोके। लोगों का टाइम पास नहीं हो रहा तो दलियो में घूमने लग जाए, यह सही नहीं है। घर पर बैठकर परिवार के साथ समय व्यतीत करें और आध्यात्मिक किताबें पढ़ें।
बता दे कि रावतभाटा में पूर्ण रूप से लॉकडाउन 12 तारीख से 20 तारीख तक लगाया जाएगा। इस दौरान एसडीएम ने सभी को पर्याप्त मात्रा में किराणा और सब्जी पहले से ही लेने की बात कही है। सिर्फ मेडिकल और हॉस्पिटल को छोड़कर सब कुछ बंद रखने का फैसला किया गया है।
अजय सिंह भाटी (मार्मिक धारा)
हर्षवर्धन शर्मा (मार्मिक धारा)